लखीमपुर खीरी। जनपद में खाद्य पदार्थों के निर्माण में लगी फैक्ट्रियों के संचालक मानकों की धज्ज्यिां उड़ा रहे हैं। खाने पीने की चीजों के निर्माण के दौरान सफाई व्यवस्था को दरकिनार किया जा रहा है, तो वहीं प्रयोग किए जाने वाले पानी की जांच नहीं कराई जा रही है। खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वाले कर्मचारियों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र नहीं बने हैं और सुरक्षा के लिहाज से उन्हें एप्रैन, हेडकवर, मास्क, फुटकवर आदि उपलब्ध नहीं कराए गए हैैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके दीक्षित ने ऐसे ही दो फैक्ट्रियों के संचालकों को नोटिस जारी करके व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मोहल्ला राजाजीपुरम स्थित महालक्ष्मी फूड प्रोडक्ट और महादेव नमकीन भंडार का निरीक्षण किया है। दोनों फैक्ट्रियों में चने की दालमोठ, भुजिया आदि प्रकार की नमकीन बनाई जाती हैं। निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सुरक्षा के विभिन्न मानकों को चेक किया, तो ज्यादातर मानक पूरे ही नहीं मिले। मसलन परिसर में अनुज्ञप्ति प्रदर्शित नहीं पाई गई। पानी की जांच नहीं करवाई गई। काम कर रहे कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं पाया गया। बिना एप्रैन, हेडकवर और फुटकवर के कर्मचारी काम करते मिले। मौके पर स्टॉक रजिस्टर नहीं मिला और परिसर में कीट, मखियों और चूहों के नियंत्रण की व्यवस्था नहीं पाई गई। खाद्य पदार्थों के पैकेटों पर अंकित बैच नंबर का कोई अभिलेख नहीं मिला। निर्माण में प्रयोग की जा रही मशीनों की सफाई संतोषजनक नहीं मिली और कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई ठीक नहीं मिली है। परिसर में कहीं चेतावनी बोर्ड नहीं मिला।
दोनों फैक्ट्रियों में खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे दोनों संचालकों को नोटिस देकर एक सप्ताह में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। पुन: निरीक्षण में कमियां मिलने पर एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
केके दीक्षित, खाद्य सुरक्षा अधिकारी