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उल्टी, दस्त का कहर जारी, चार बच्चे और भर्ती

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लखीमपुर खीरी। गर्मी का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी लोगों के लिए मुसीबत बनने लगी है। गर्मी की चपेट में आकर बच्चों से लेकर बड़े तक उल्टी, दस्त का शिकार हो रहे हैं। इससे जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड से लेकर मेेडिकल महिला एवं पुरुष वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार को उल्टी, दस्त से पीड़ित चिल्ड्रन वार्ड में जहां सात बच्चे भर्ती हुए तो वहीं मेडिकल वार्ड में डायरिया से पीड़ितों की संख्या 14 रही। अस्पताल के आंकड़ों पर यदि गौर करें तो मई माह में अब तक उल्टी दस्त से 97 बच्चे और मेडिकल महिला एवं पुरुष वार्ड में भी भर्ती पीड़ितों की संख्या करीब 60 रही। गर्मी के दिनों में साफ सफाई के साथ खान पान को लेकर बरती गई जरा सी असावधानी बीमारी का कारण बन सकती है। प्रदूषित पेयजल एवं खान पान के कारण उल्टी दस्त शुरू हो जा रहे हैं। चिल्ड्रन वार्ड से लेकर मेडिकल वार्ड में रोजाना दस से 15 लोग डायरिया रोग से पीड़ित होकर भर्ती हो रहे हैं। रविवार को उल्टी दस्त से पीड़ित तीन बच्चे भर्ती हुए, जिसमें पिपरिया निवासी दीपक की डेढ़ वर्षीय पुत्री कनक, फरधान के बेरिया टाउन निवासी सिंपल ने आठ माह के पुत्र दिव्यांश एवं शहर की देवकली रोड निवासी विजय कुमार के सात वर्षीय पुत्र अक्षर कश्यप शामिल हैं। जबकि सोमवार को उल्टी दस्त से पीड़ित हैदराबाद निवा साकिम अली ने आठ माह के पुत्र अयात, लाहौरी नगर निवासी धनीराम के ढ़ाई वर्षीय पुत्र शिवशंकर, तुलापुरवा निवा गुरुप्रसाद ने डेढ़ वर्षीय पुत्र संचित, केवलपुरवा निवासी सुभाष ने डेढ़ वर्षीय पुत्र आदर्श, गुलरीपुर निवासी सलीम ने पांच वर्षीय पुत्र आलम, मितौली निवासी जितेंद्र कुमार ने डेढ़ वर्षीय सुदामा, फूलबेहड़ के कालाडुंड निवासी जशवंत ने नौ वर्षीय पुत्र शिवेंद्र को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया है।
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दो प्रकार को होता है डायरिया
1. क्रोनिक डायरिया
24 घंटे में पांच या फिर उससे अधिक बार दस्त आना और एक सप्ताह में इसका ठीक न होना क्रोनिक डायरिया कहलाता है। इसका समय से इलाज न मिलने पर पीड़ित को बेहोशी भी आने लगती है। ऐसे में पीड़ित की मौत की संभावनाएं भी प्रबल हो जाती हैं।
2. डायरिया
दिन में तीन चार बार पतले दस्त आना डायरिया के लक्षण हैं। दस्त में पानी की मात्रा अधिक होती है। ऐसा प्रदूषित खान पान से होता है। डायरिया होने पर पेट के निचले हिस्से में मरोड़ के साथ दर्द, उल्टी होने के साथ बुखार भी आ जाता है।
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ऐसे करे डायरिया से बचाव
1. उल्टी दस्त की शुरूआत होने पर ओआरएस का घोल बनाकर पिलाएं,
2. अदरक, नीबू के रस में कालीमिर्च चूर्ण मिलाकर देने से राहत मिलती है,
3. चीनी, नीबू एवं नमक का घोल एक से दो घंटे के अंतराल पर दिन में छह से सात बार पिलाएं,
4. दस्त की समस्या दूर करने के लिए दिन भर में तीन से चार बार चावल का मांड का सेवन कराएं। इससे दस्त की समस्या कुछ ही समय में दूर हो जाती है।
5. दाल का पानी, चावल का मांड, केला एवं हल्का पाच्य भोजन दें

घर-घर बांटे जाएंगे ओआरएस के पैकेट
लखीमपुर खीरी। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि कि 28 मई से दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू होगा, जो नौ जून तक चलेगा। इस दौरान पांच साल तक के बच्चों वाले परिवारों को चिह्नित कर उनमें ओआरएस के पैकेट एवं जिंक की गोलियां बांटी जाएंगी। वहीं आशा वर्कर इन्हें बांटने के दौरान बच्चों के माता पिता को बतायेंगी कि दस्त की शुरूआत होने पर क्या सावधानियां रखे आदि की जानकारी देंगी। सीएमओ ने बताया कि दो से छह माह तक के बच्चों को जिंक की आधी गोली, सात माह से पांच साल तक के बच्चों को जिंक की पूरी गोली 14 दिन तक खिलानी होगी।

डायरिया के लक्षण
1. पानी जैसा लगातार मल का होना।
2. बार बार उल्टी होना।
3. अत्यधिक प्यास लगना।
4. पानी न पी पाना।
5. बुखार होने के साथ दस्त में खून का आना।

लापरवाही किए बिना लेकर आएं अस्पताल
जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. इंदु भूषण त्रिपाठी बताते हैं कि दिन में पांच से छह बार पतले दस्त होना डायरिया है। यह वायरल एवं बैक्टीरियल संक्रमण के होने से होता है, लेकिन इसका सबसे सामान्य कारण प्रदूषित पेयजल एवं खान पान गड़बड़ होना है। इससे आंत मेँ संक्रमण होने से उल्टी दस्त शुरू हो जाते हैं। इससे शरीर मेँ पानी की कमी हो जाती है, जिससे शरीर मेँ कमजोरी आ जाती है और समय पर इलाज न मिलने से पीड़ित की मौत तक हो सकती है। इसलिए उल्टी दस्त शुरू होते ही लापरवाही किए बिना सरकारी अस्पताल लेकर आएं।
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