ममरी। गन्ने की सिंचाई करते वक्त तेंदुआ के हमले में घायल हुए गांव संगापुर निवासी 18 वर्षीय गुलशन कुमार की हालत में सुधार बताया गया है, वहीं ग्रामीणों में तेंदुआ और बाघ की दहशत है। लोग खेतों में समूह बनाकर काम करने जा रहे हैं।
23 मई को खेत में गन्ने की सिंचाई करने गए गंगापुर निवासी रामसनेही के बेटे गुलशन कुुुमार पर सहजनियां गे जंगल की झाड़ी में छिपे तेंदुआ ने हमला कर घायल कर दिया था, जिसका इलाज जिला चिकित्सालय में हो रहा था। सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वनकर्मी सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर, लालसिंह के झाले पर जाकर लोगों को सतर्कता बरतने खेतों में समूह बनाकर जाने की सलाह दे रहे हैं। दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। सुंदरपुर के रामकुमार वर्मा, रामविलास, रामस्वरूप, घमहाघाट के लालसिंह, मक्खन सिंह, कश्मीर सिंह और गंगापुर के लोगों का कहना है कि तीनों गांव सहजनियां और देवीपुर बीट जंगल के बीच में हैं। जहां बाघ, तेंदुए कठिना नदी की झाड़ी में अपना डेरा जमाए रहते हैं। पिछले वर्ष भी बाघ ने 18 जून को गन्ने की सिंचाई करते वक्त सुंदरपुर के किसान बालकराम को हमला कर मार डाला था। लोग इन हमलों को भुला नहीं पा रहे हैं। इसी भयवश लोग खेतों में लाठी डंडे लेकर समूह बनाकर जा रहे हैं। हालत यह है कि लोग गन्ने की सिंचाई करते घबरा रहे हैं। उनका कहना है कि झाड़ी में छुपा बाघ, तेंदुआ किस समय हमला कर दे का कोई ठिकाना नहीं है। रेंजर मोबीन आरिफ का कहना है कि इन ग्रामों की दूरी जंगल से महज एक किमी है, जहां बाघ, तेंदुए शिकार के चक्कर में यदाकदा पहुंच जाते हैं। जिनकी निगरानी कराई जा रही है। उन्होंने भी लोगों को सतर्कता बरतने, खेतों में समूह बनाकर जाने की सलाह दी है।