विश्व हृदय दिवस के मौके पर शुक्रवार को जिला अस्पताल सभागार में गोष्ठी हुई। इस दौरान मौजूद लोगों को हृदय रोग से बचाव व उसकी पहचान आदि के बारे में जानकारी दी गई।
गोष्ठी की अध्यक्षता सीएमएस डॉ. अरुण कुमार गौतम ने की। उन्होंने बताया कि बदलता खान-पान व बढ़ता तनाव दिल की सेहत बिगाड़ रहा है। हृदय रोग से बचने के लिए खान-पान सही रखें व शारीरिक श्रम करते रहें। एनसीडी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. रवींद्र शर्मा ने लोगों को इससे बचाव के बारे में जानकारी दी। वहीं फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान, स्वस्थ जीवनशैली से इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने तीस की उम्र पार कर चुके लोगों को बीपी आदि की नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित किया। गोष्ठी में डॉ. चंदानी, चीफ फार्मासिस्ट डॉ. अखिलेश शर्मा, फार्मेसी अधिकारी डा. एस प्रसाद गौतम, राकेश गुप्ता, मेटर्न इलीन जार्ज, स्टाफ नर्स मोनिका लॉयल, मनीषा, नीरज, मयंक, सईद, विवेक आदि लोग मौजूद रहे।
रोग से बचाव
1. नियमित व्यायाम करेें, इससे ह्दय की मांस पेशियां मजबूत होती हैं।
2. व्यायाम से रक्त धमनियों की सूजन कम होती है व लचीलापन बना रहता है।
3. प्रतिदिन कम से कम दो किलोमीटर जॉगिंग करें, इससे वजन व उच्च रक्तचाप कम होता है।
यह न करें
1. पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें।
2. ताजे फल, सब्जियां, दाल का प्रयोग करें।
3. एक दिन में सात ग्राम से अधिक नमक का प्रयोग न करें।
4. तंबाकू, मांस में रेट मीट व मदिरा का सेवन न करें।