फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri: हाईटेंशन लाइन से टकराकर 150 फुट ऊंचा ताजिया टूटा और नियम भी... बड़ा हादसा टला

Mon, 07 Jul 2025 02:22 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में मुहर्रम का जुलूस के दौरान कर्बला पहुंचा 150 फुट ऊंचा ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। गनीमत रही कि उस वक्त विद्युत आपूर्ति बंद थी, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराने का वीडियो वायरल हुआ है।
विज्ञापन
हाईटेंशन लाइन से टकराकर टूटा ताजिया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी में शहर से सटे बनवारीपुर कर्बला मेले में रविवार को दफनाने के लिए ले जाए गए ताजियों में 150 फुट का ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। इससे 1.80 लाख रुपये की लागत से बना ताजिया क्षतिग्रस्त हो गया। इस बीच कुछ देर के लिए कर्बला में अफरा-तफरी का माहौल रहा। गनीमत रही कि उस वक्त लाइन में करंट नहीं था। ताजिया के हाईटेंशन लाइन से टकराने का वीडियो सोशल भी वायरल हुआ है। वहीं एसडीएम सदर अश्विनी कुमार ने बताया कि 15 फुट से ऊपर का ताजिया बनाना नियम के खिलाफ है। 

विज्ञापन


मातम के साथ सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिये
शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकला ताजियों का जुलूस रविवार को कर्बला पहुंचा। ताजियेदार अपने-अपने ताजिये लेकर सुआगाड़ा के रास्ते कर्बला पहुंचे। जहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान मातम की सदाएं  और या हुसैन के नारे वातावरण में गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने इस दौरान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और उनकी कुर्बानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

यह भी पढ़ें- Bareilly News: 23 फुट ऊंचे ताजिये को बताया 12 से कम, हुआ ऐसा हादसा... मचा हड़कंप, दरोगा निलंबित; देखें वीडियो
विज्ञापन


यह आयोजन शहर में आपसी सौहार्द और धार्मिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा। इस दौरान इमली चौराहा, हिदायत नगर चौराहे समेत कर्बला में मेला भी लगाया। जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं ने एकजुटता और भाईचारे का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी परंपराओं का निर्वहन किया। 

शहर के विभिन्न हिस्सों से शुरू हुआ यह जुलूस कर्बला पर समाप्त हुआ, जहां ताजियों को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दफनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे, जिससे जुलूस सुचारु रूप से संपन्न हुआ। 

छुरियों से मातम किया
खीरी टाउन में ताजियों का जुलूस मोहल्ला कोट शिया इमामबाड़े से निकलकर मीठा कुआं मोहल्ला प्रेमनगर पहुंचा। हजरत इमाम हुसैन की याद में छुरी मातम करते हुए ताजियेदारों ने ताजिये कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस मौके पर राहत जैदी, महबूब आलम, तहसीन हैदर, इमरोज, शावेज़, जावेद, अता हैदर समेत शिया समुदाय के तमाम लोग मौजूद थे। 
खीरी टाउन और आस-पास ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को देर रात ताजिए चौक पर रखने के बाद रविवार को सुबह से ही कस्बे में स्थित कर्बला में ताजिए दफन करने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह शिया वक्फ इमामबाड़ा में तमाम ताजियों का मिलन हुआ। वहां से मातम का जुलूस निकला। मातमदारों ने हाथों से सीने पर मातम किया। 
विज्ञापन

मुहर्रम के जुलूस में दिखी भाईचारे की मिसाल
मोहम्मदी में दसवीं मुहर्रम के जुलूस में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल देखने को मिलीं। ब्लॉक प्रमुख महेंद्र बाजपेई उनके पुत्र अतुल बाजपेई ने कई जगहों पर पानी की सबील लगाकर जुलूस में चल रहे लोगों को को स्वच्छ पानी पिलवाया। जुलूस में बड़ी संख्या में मातमदार शामिल हुए जुलूस का नेतृत्व शिया कमेटी के अध्यक्ष अब्बास नकवी ने किया। सभी ताजिया गुरेला कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। 

ओयल कस्बे में गमगीन माहौल में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में ढोल नगाड़े की मातमी धुनों पर ताजियादारों ने मातम किया। सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस के मार्ग पर ओयल चौकी प्रभारी पटेल राठी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्षेत्रीय लेखपाल व नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी मौजूद रहे। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें