स्कूल बसों की जांच करते हुए एआरटीओ। संवाद
लखीमपुर खीरी। सख्ती और लगातार कार्रवाई के बावजूद जिले में कई स्कूल संचालक और वाहन चालक अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। बिना पूरे सुरक्षा मानकों के स्कूली वाहन सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं। यह स्थिति परिवहन विभाग की ताजा जांच में उजागर हुई।
स्कूली वाहनों की जांच के लिए परिवहन विभाग ने 11 टीमें गठित की हैं। एआरटीओ शांति भूषण पांडे के नेतृत्व में मंगलवार को टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में 150 से अधिक स्कूली वाहनों की जांच की। जांच के दौरान 15 वाहन मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
किसी वाहन में अग्निशमन यंत्र नहीं मिला, तो कहीं फर्स्ट एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर और सीसी कैमरे जैसी अनिवार्य सुविधाएं अनुपस्थित पाई गईं। एआरटीओ शांति भूषण पांडे ने स्वयं भी वाहनों की जांच की। उन्होंने बताया कि जिन वाहनों में मानक पूरे नहीं मिले हैं, उन्हें दो दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में सुधार न होने पर उनकी फिटनेस रद्द कर दी जाएगी और संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
89 वाहनों की निलंबित हो चुकी आरसी
परिवहन विभाग ने पिछले महीने स्कूल के 89 वाहनों की आरसी निलंबित की है। इनमें 41 वाहन बिना फिटनेस के थे, जबकि 48 वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने पाए गए, जिन्हें स्कूल संचालन में उपयोग नहीं किया जा सकता है।
पोर्टल पर डाटा अपलोड जरूरी
स्कूली वाहनों का डाटा इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 15 अप्रैल तक की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद बिना डाटा फीड किए वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। जनपद में करीब 242 निजी स्कूलों के 901 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं।