लखीमपुर खीरी। प्रशासन ने मतदान जागरूकता अभियान चलाकर खूब जोर लगाया, लेकिन सूरज की जैसे जैसे तपिश बढ़ती गई, मतदान केंद्र पर रफ्तार धीमी होती गई। नतीजतन धौरहरा सीट पर 2014 में हुए 68.05 प्रतिशत मतदान के मुकाबले करीब साढ़े चार फीसदी कम 64.70 फीसदी ही मतदान हुआ। इसके बाद भी बाराबंकी और लखनऊ समेत प्रदेश की अन्य 13 सीटों से बाजी मारते हुए धौरहरा में मतदान प्रतिशत टॉप पर रहा।
धौरहरा के शेखनपुरवा के लोगों का मतदान बहिष्कार, कुछ जगह ईवीएम की खराबी और छिटपुट विवादों के बीच शांतिपूर्वक मतदान हुआ। मतदान समाप्त होने के साथ ही धौरहरा लोकसभा सीट के आठ प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई।1279 मतदान केंद्रों के 1911 बूथों पर सोमवार सुबह ठीक सात बजे मतदान शुरू हुआ। मतदान शुरू होते ही कुछ बूथों पर ईवीएम दगा दे गईं। हालांकि तत्परता से दूसरी ईवीएम पहुंचा दी गईं, जिससे मतदान प्रभावित नहीं हुआ।
जिले भर में मतदान के दौरान डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी पूनम और आयोग की ओर से नियुक्त किए गए प्रेक्षकों ने क्षेत्र का भ्रमण कर जायजा लिया। विभिन्न दलों के प्रत्याशियों और उनके एजेंटों ने भी बूथों पर जाकर स्थिति का आकलन किया। इस बीच अलग अलग बूथों पर प्रत्याशियों की अलग-अलग स्थिति देख प्रत्याशियों के चेहरे की रंगत बदलती दिखाई दी।
चुनाव बहिष्कार : शेखपुर वाले नहीं गए मुखलिसपुर वोट डालने
धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के शेखपुर गांव में प्राथमिक स्कूल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। यहां 1092 मतदाता हैं, जिन्हें मुखलिसपुर बूथ पर वोट डालना था। गांव निवासी सुरेश, दिनेश और राजकुमार ने बताया कि कई साल पहले जर्जर भवन होने के कारण स्कूल बंद कर मुखलिशपुर भेज दिया गया था, तभी से पोलिंग बूथ भी वहीं बनने लगा। वे लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि गांव में ही स्कूल बनवा दिया जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिस पर सोमवार को सभी ने मतदान के बाहिष्कार का निर्णय लिया और एसडीएम के समझाने के बाद भी नहीं मानें।