लखीमपुर खीरी। तहसील गोला के गांव हैदराबाद निवासी सेवानिवृत्त कर्नल विनोद कुमार शुक्ल वायु सेना की दूसरी एअर सर्जिकल स्ट्राइक से बेहद खुश हैं। उन्होंने थल सेना अध्यक्ष से मांग की है कि उन्हें मौका दिया जाए तो वह पाकिस्तान से जंग के लिए तैयार हैं। वह कहते हैं कि उन्हें काफी पेंशन मिलती है। वह उसी खाते से पैसा खर्च कर जाएंगे और जब उनकी जरूरत नहीं होगी तो लौट आएंगे। फिलहाल भारत माता के सम्मान की खातिर से जंग लड़ना चाहते हैं।
मंगलवार की सुबह पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर सेना की कार्रवाई से उत्साहित होकर वह कहते हैं कि पुलवामा में आतंकवादी वारदात का वायु सेना ने जिस तरह से स्ट्राइक कर बदला लिया है, उससे हर भारतवासी का सीना चौड़ा हो गया है। पाकिस्तान ने अपनी नापाक करतूत को अंजाम देकर उस दिन ही बीज बो दिया था। लोग कह रहे थे पाकिस्तान को जल्दी जवाब देना चाहिए, लेकिन सेना कभी कोई कार्रवाई जल्दबाजी में नहीं करती। सेना जमीनी स्तर पर तैयारी करती है। इस तरह के अभ्यास भी सेना नियमित रूप से करती रहती है। नतीजतन विजय हासिल होती है। चूंकि पाक आतंकवाद को संरक्षण देने से बाज नहीं आ रहा है, इसलिए इस बार भारत को रहम नहीं करना चाहिए। सेना की इस कार्रवाई का यदि पाकिस्तान जवाब देता है तो हमें हर मुश्किल और कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।
पाक चाहें युद्घ समझे या कुछ और...सेना ने बढ़ाया भारत का मान
लखीमपुर खीरी। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने जिस तरह से पाक के भीतर घुसकर पाकिस्तान को सबक सिखाया है, उससे विश्व में भारत का मान बढ़ा है। मंगलवार की सुबह लोगों के लिए इस बात की खुशी लेकर आई कि पुलवामा में पाक आतंकवाद की दुस्साहसिक वारदात का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिल गया। इससे हर एक व्यक्ति को सीना चौड़ा हो गया। लोग घरों से खुशी से निकले और दिनभर जश्न मनाने का दौर चला। लोगों ने कहा कि पाक चाहें युद्घ समझे या कुछ और, फिलहाल सेना ने भारत का मान बढ़ा दिया है। इस दौरान अमर उजाला ने सेना से सेवानिवृत्त हुए लोगों से बातचीत की। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के अंश।
सेना के शौर्य से हर किसी का हौसला बढ़ा
पाकिस्तान में घुसकर हमला करने से सेना के शौर्य को हर कोई सलाम कर रहा है। इससे आमजन से लेकर हर किसी का हौसला बढ़ा है। सेना की इस कार्रवाई की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। सेना की कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों पर हुई है न कि आम लोगों पर। भारत कभी युद्घ नहीं छेड़ता। अब पाकिस्तान इसे चाहें कुछ भी समझे।
कृष्ण गोपाल त्रिवेदी, अवकाश प्राप्त, जूनियर इंजीनियर-रडार, थल सेना
सेना को निर्णय लेने की स्वतंत्रता जरूरी थी
पहली बार भारत सरकार ने सेना को मौका दिया, जिसका प्रतिफल सुबह जागने पर देखने को मिला, जिससे सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई से प्रत्येक सैनिक का हौसला बढ़ा है। सैनिक अपने प्राणों का मोल चुका कर सरहद की रक्षा करता है। वायु सेना ने भारत माता का मान बढ़ाया है और शहीदों को गौरव पूर्ण श्रद्धांजलि दी है।
मुन्ना लाल अवस्थी, अवकाश प्राप्त फौजी, गोला
सेना ने दी शहीदों को सच्ची श्रद्घांजलि
पुलवामा में 14 फरवरी को सेना के शहीदों का बदला मंगलवार की तड़के सेना ने ले लिया। पाकिस्तान में घुसकर जिस तरह सेना ने कार्रवाई की है, उससे फक्र होता है। सेना की यह कार्रवाई शहीद जवानों को सच्ची श्रद्घांजलि है। इस हमले में वायु सेना के अफसरों ने अपने साहस का परिचय दिया और बिना किसी नुकसान के ऑपरेशन सफल हुआ। पाकिस्तान को इससे सबक लेते हुए होश में आ जाना चाहिए अन्यथा उसे बर्बाद होने से कोई बचा नहीं पाएगा।
सीपी मिश्र, सेवानिवृत्त कर्नल, शिव कॉलोनी, लखीमपुर