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खीरी के जंगल में अवैध शिकार की घटना उजागर

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खीरी के जंगल में अवैध शिकार की घटना उजागर
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क्रासर
खीरी और पीलीभीत वन विभाग की संयुक्त टीम ने पीलीभीत के पूरनपुर जंगल से पकड़े दो शिकारी
क्रासर
शिकारियों को पीलीभीत से भीरा जंगल में अवशेष पता करने को लाया गया
फोटो- 03एलकेएच504
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन में एक बार फिर शिकार का मामला सामने आया है। मंगलवार खीरी और पीलीभीत वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से पूरनपुर जंगल में पकड़े गए दो शिकारियों से बाघ के नाखून बरामद किए थे। भीरा जंगल के निकट गांव महेशापुर निवासी इन तस्करों ने बाघ के नाखून भीरा जंगल से लाना बताया गया है।
मुखबिर की सूचना पर दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उप-निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने वन विभाग की टीम गठित कर पीलीभीत रवाना की। जहां पीलीभीत और खीरी वन विभाग की संयुक्त टीम ने पूरनपुर जंगल में दबिश देकर दो शिकारियों को धर दबोचा। इनके पास से बाघ के नाखून बरामद हुए। पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें यह बाघ के दांत भीरा जंगल से मिले हैं। वन कर्मियों ने इसकी सूचना उप-निदेशक बफरजोन डॉ अनिल कुमार पटेल को दी। सूचना के बाद उप-निदेशक ने गहराई से इसकी छानबीन शुरू कर दी गई।
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पीलीभीत जिले के पूरनपुर जंगल से पकड़े गए दोनों तस्कर भीरा के निकट महेशापुर गांव के निवासी दाताराम और जसवंत को बुधवार दोपहर वन विभाग की टीम भीरा लेकर आई। जहां तस्करों के जंगल के अंदर बताए स्थानों पर लेकर गई काफी छानबीन की गई, लेकिन अब तक कोई पता नहीं लग पाया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उप-निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि पीलीभीत जिले के पूरनपुर जंगल में पकड़े गए दोनों शिकारियों को बुधवार दोपहर भीरा रेंज लाया गया है। जहां उनके बताए गए चिन्हित स्थानों पर उन्हें ले जाया गया, लेकिन अब तक कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि दोनों शिकारी काफी शातिर लगते है। दोनों शिकारी वन विभाग को चकमा देने के फिराक में हैं। पूछताछ पर वह कभी बाघ तो कभी तेंदुए के दांत होने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। मामले का जल्द खुलासा होगा।
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इंसेट
इससे पहले भी शिकार के मामले आ चुके हैं सामने...
कुछ महीने पहले खटीमा वन विभाग ने दो शिकारी पकड़े थे। उनके पास से बाघ की खाल और मांस बरामद हुआ था। उन्होंने मैलानी रेंज के बरौछा नाला के पास अर्जुन के जंगल से बाघ का शिकार करने की बात स्वीकारी थी। पकड़े गए शिकारी बांकेगंज ब्लॉक की पंचायत हरदुआ के गांव ढ़ाका और गोला के कमलापुर गांव निवासी थे। यही नहीं तीन माह पहले सीबीआई ने दिल्ली में मंगल लामा नाम के एक शिकारी को धर दबोचा था। पूछताछ में उसने भी खीरी के जंगल में बाघ का शिकार किए जाने की बात स्वीकारी थी।
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