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लेखपालों में फूटा गुस्सा, एसडीएम दफ्तर घेरा, नारेबाजी की

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मितौली (लखीमपुर खीरी)।
50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लेखपाल चंद्रभान तिवारी और विजय बहादुर वर्मा को तीन माह का नोटिस वेतन देकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने पर लेखपाल संघ भड़क गया। उप्र लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार दीक्षित और महामंत्री अतुल कुमार बाजपेई के नेतृत्व में लेखपालों ने एसडीएम दफ्तर का घेराव किया और एसडीएम कोर्ट में ताला ठोंक दिया। इस दौरान महिला लेखपालों ने हवा में चूड़ियां उछालीं। अंत में डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामप्रकाश को सौंपा।
शुक्रवार को जिले भर के लेखपाल कस्बे के मेला मैदान में एकत्र हुए और ब्लॉक परिसर में संचालित एसडीएम दफ्तर को घेर लिया। लेखपालों ने तहसील प्रशासन मुर्दाबाद, एसडीएम मुर्दाबाद, एसडीएम होश में आओ, नौ से 11 ऑफिस में बैठो, तानाशाही बंद करो आदि नारे लगाए। इसी बीच महिला लेखपालों संग एसडीएम कोर्ट में ताला ठोंक दिया। लेखपालों ने एसडीएम रामप्रकाश पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
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लेखपालों ने एसडीएम को दिए गये डीएम को संबोधित ज्ञापन में बताया कि एक लेखपाल एक ही कार्य करेगा। राजस्व निरीक्षक और ऑफिस के कार्य नहीं देखेंगे। लेखपालों का आरोप है कि एसडीएम रामप्रकाश भी 50 वर्ष के हो चुके हैं। वह सुबह 9 से 11 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद नहीं रहते है। इन्हें भी कार्य मुक्त करने की आवाज उठाई गई। लेखपालों ने आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है। लेखपालों ने जबरन रिटायर किए गए लेखपाल विजय बहादुर वर्मा व चंद्रभान तिवारी को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्ति समाप्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दोनों लेखपालों की 31 अक्तूबर तक सेवानिवृत्ति समाप्त न की गई तो पहली नवंबर से जिले भर में हड़ताल कर सभी लेखपाल जिला मुख्यालय पर मौजी नसीरुद्दीन भवन प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस दौरान उप्र लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रामदत्त दीक्षित, महामंत्री अरविंद मिश्रा सहित काफी लोग मौजूद रहे।

एसडीएम बोले, दोनों लेखपालों का रिकार्ड बेहद खराब
एसडीएम मितौली रामप्रकाश का कहना है कि लेखपाल चंद्रभान तिवारी और विजय बहादुर वर्मा का रिकार्ड बेहद खराब है। शासनादेश के अनुसार, नियुक्ति प्राधिकारी, किसी भी समय किसी भी सरकारी सेवक को (चाहें वह स्थाई हो अथवा अस्थाई) नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए उसके 50 वर्ष की आयु पूरी कर लेने पर सेवानिवृत्ति दे सकता है। ऐसी नोटिस की अवधि तीन मास होगी। दोनों की सेवानिवृत्ति में भी ऐसा ही किया गया है। वह बताते हैं कि लेखपाल चंद्रभान तिवारी की सेवा पुस्तिका में दस सालों में पांच प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित हैं और कार्य व्यवहार ठीक ने होने के कारण उनकी वेतन वृद्धि भी रोकी गई है। इसी तरह लेखपाल विजय बहादुर वर्मा दस सालों में तीन प्रतिकूल प्रविष्टि और पांच वेतन वृद्धियां रोकी गई हैं। दोनों ही लेखपाल न तो क्षेत्र में जाते हैं और न ही तहसील आते हैं। अनेक जांच रिपोर्ट पेंडिंग हैं। दोनों के रिकार्ड को देखते हुए स्क्रीनिंग कमेटी के निर्णय के आधार पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है।


लेखपाल संघ का आरोप, मनमानी कर रहे एसडीएम मितौली
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार दीक्षित और महामंत्री अतुल कुमार बाजपेई का कहना है कि एसडीएम मितौली मनमानी कर रहे हैं। नियमानुसार तहसील में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी कर्मचारियों को चिन्हित करने के बाद उन्हें तीन महीने पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। उसके बाद अक्षम कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति दी जानी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा न करके सिर्फ दो लोगों को ही अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है, जो नियम विरुद्ध है।
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लेखपालों का गुस्सा देख
भाग गए प्रभारी सीडीओ
प्रभारी सीडीओ/डीडीओ अनिल कुमार सिंह शुक्रवार को मितौली ब्लाक का निरीक्षण कर रहे थे। इसी बीच ब्लॉक परिसर में ही स्थित एसडीएम कार्यालय की ओर नारेबाजी करते काफी संख्या में लेखपालों को आते देख वह वहां से खिसक लिए। डीडीओ जब तेज कदम चलते हुए अपनी गाड़ी की ओर लपके तो अमर उजाला ने उनकी यह तस्वीर भी कैद कर ली। हालांकि इस बाबत डीडीओ कह रहे थे कि उनका निरीक्षण पूरा हो गया। उन्हें अन्य दफ्तरों का भी निरीक्षण करना है, इसलिए वह जल्दी जा रहे हैं।
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