पलियाकलां। नेपाल के कैलाली जिले में स्थित एक ईंट भट्ठे पर बंधक बनाकर रखे गए 14 भारतीय मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली के दखल के बाद नेपाल के अधिकारियों ने बंधन मुक्त कराया है।
पीलीभीत जनपद के थाना जहानाबाद के ग्राम सरदार नगर निवासी मुन्ना पुत्र पप्पू के घर कुछ दिन पहले नेपाल के बीएमआई मार्का ईंट भट्ठा के स्वामी भदरा विष्ट निवासी ग्राम मलभूड़ा थाना चूहा मोतीपुर जिला कैलाली, नेपाल व उनके कर्मचारी पहुंचे और उनसे कहा कि आप लोग ईंट पाथने का काम करते हैं तो हमारे भट्ठे पर चल कर काम करो। हम मजदूरी 800 रुपये प्रति एक हजार ईंट देंगे।
इसके बाद वह अपने परिवार व उत्तराखंड के कुछ लोगों समेत कुल 21 लोग नेपाल पहुंच गए और काम शुरू कर दिया। आरोप है कि 28 दिन तक काम करने के बाद जब मजदूरी मांगी तो ठेकेदार व भट्ठा स्वामी ने मजदूरी घर भिजवा देने की बात कही। आरोप है कि उसके बाद भी उनकी मजदूरी उनके घर नहीं भेजी गई और न ही उन्हें दी गई है।
भट्टा मालिक पर कई परिवारों को बंधक बना लेने का आरोप लगाते हुए मारपीट कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को पत्र भेजकर बंधनमुक्त कराने की मांग मजदूरों द्वारा की गई थी। इधर, कई बंधकों के परिजन पलिया के भाजपा नेता रवि गुप्ता के पास पहुंचे और अपनी बात बताई।
रवि ने कैलाली के डीएम व एसपी से मिलने के साथ ही उनको पूरे मामले से अवगत कराया। रवि गुप्ता ने बताया कि नेपाल के अधिकारियों के सहयोग से 14 मजदूर सकुशल भारत आ गए हैं। बृहस्पतिवार की रात को सभी पलिया पहुंचे थे और उनके रहने व रुकने की व्यवस्था भी उन्हीं की तरफ से की गई थी। शुक्रवार को सभी को किराया आदि देकर उनके गंतव्य तक रवाना किया गया है।
बंधन मुक्त कराए गए लोगों में सुरजन, अमन, रोहित, भोला, विकास, नवाब, सचिन, अमित, अजय, लालता व नासिम तथा उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं।