फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीनी मिलों पर किसानों का दो अरब से अधिक ब्याज बाकी

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। गन्ना एक्ट के मुताबिक चीनी मिलें किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रहीं हैं, जिससे मिलों पर दो अरब से अधिक ब्याज की धनराशि बकाया हो चुकी है। किसानों से ब्याज वसूलने में आगे रहने वाले विभाग अब किसानों को उनके हक (ब्याज) की रकम दिलाने पर चुप्पी साधे हैं। हाल में ही हाईकोर्ट ने गन्ना किसानों को बकाया ब्याज की रकम का भुगतान करने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन

पिछले वर्ष 2017-18 में गन्ना एक्ट के मुताबिक बकाया गन्ना मूल्य पर एक अरब 90 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपये किसानों के ब्याज की देनदारी चीनी मिलों पर बन चुकी है, लेकिन किसी भी मिल ने किसानों को ब्याज की रकम का भुगतान नहीं किया है। इसी तरह वर्ष 2016-17 में भी चीनी मिलों पर 72 करोड़ तीन लाख 77 हजार रुपये ब्याज की देनदारी बनी थी, जिसका भुगतान नहीं किया गया है। गन्ना किसानों के सामने कई तरह की समस्याएं हैं, जिसमें एक्ट के बावजूद समय से भुगतान न मिलना प्रमुख वजह बना हुआ है। गन्ना एक्ट के मुताबिक किसानों का गन्ना खरीदने की तिथि से 14 दिनों में भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन इस अवधि में भुगतान न करने पर मिलों को बकाया गन्ना मूल्य पर किसानों को ब्याज देना अनिवार्य है। अधिकांश मिलें गन्ना एक्ट के इस नियमों का पालन नहीं करती हैं। पिछली सरकारों ने मिल मालिकों पर दरियादिली दिखाते हुए किसानों को मिलने वाले ब्याज के करोड़ों रुपये माफ कर दिए थे, जिसके बाद योगी सरकार में भी किसानों को उनका हक दिलाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। मिल मालिक भी बेखौफ होकर गन्ना एक्ट का मखौल उड़ा रहे हैं, तो वहीं किसान खुद को लाचार महसूस कर रहा है।

मिलों पर बकाया ब्याज (2017-18, लाख में)
गोला 4659.71
पलिया 3920.67
खंभारखेड़ा 3004.92
ऐरा 2483.75
अजवापुर 1384.33
कुंभी 1025.25
गुलरिया 745.30
बेलरायां 938.45
संपूर्णानगर 927.38

अभी बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराना प्राथमिकता है। हालांकि सभी मिलों को गन्ना मूल्य भुगतान के साथ ही ब्याज की रकम का भुगतान करने के निर्देश समय समय दिए जाते हैं। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में शासन की ओर से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
विज्ञापन

- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी

खाद-बीज-बिजली और किसान क्रेडिट कार्ड के बकाया भुगतान में देरी होने पर किसानों से ब्याज की वसूली की जा रही है। हाईकोर्ट ने भी चीनी मिलों को ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है, लेकिन किसानों को ब्याज का भुगतान न करके मिल मालिक मनमानी पर उतारू हैं। यदि मिलों ने ब्याज का भुगतान न किया, तो आंदोलन छेड़ेंगे।
विज्ञापन

- अंजनी दीक्षित, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें