तेंदुए ने कुतिया को बनाया निवाला
बांकेगंज। चौधीपुर गांव के आस-पास सक्रिय तेंदुए की दहशत कम नहीं हो रही है। सोमवार की सुबह आबादी से सटे गन्ने के खेत से निकला तेंदुआ घास काट रही महिलाओं को देखकर गुर्राने लगा। उन पर झपटने की भी कोशिश की। महिलाओं ने शोर मचाकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद तेंदुए ने वहां से हटकर कुछ ही दूरी पर एक पालतू कुतिया को अपना निवाला बनाया। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने कुतिया के अवशेष और पगचिह्न देखकर तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की और इलाके की निगरानी भी बढ़ा दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे चौधीपुर और पूरनपुर गांव में पांच माह से सक्रिय तेंदुआ सोमवार सुबह खेतों में फिर देखा गया। चौधीपुर गांव की आबादी के पास यदुनंदन सिंह पुजारी के फार्महाउस पर घास काट रही गांव निवासी सुशीला देवी और पुष्पा देवी को देखकर तेंदुआ गुर्राया और झपट्टा मारने की कोशिश की। इसी बीच महिलाएं तेंदुए को देखकर शोर मचाते हुए भागीं। उनके शोर मचाने पर तेंदुआ भी गन्ने के खेत की ओर चला गया। इसके कुछ ही देर बाद तेंदुए ने पुजारी के फार्महाउस पर पली एक कुतिया को मड़ैय्या से खींचकर निवाला बना लिया। फार्म के चौकीदार नरेश और मजदूरों के शोर मचाने पर तेंदुआ कुतिया के शव को छोड़कर गन्ने के खेत में चला गया। घटना की सूचना मिलने पर फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा, रामपाल यादव और वन कर्मियों की टीम को शिकार की गई कुतिया के अवशेष मिलने के साथ तेंदुए के पगचिह्न भी मिले हैं। वन कर्मियों ने तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए ग्रामीणों से सतर्कता बरतने को कहा है। डीडी बफरजोन डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि चौधीपुर गांव आबादी के पास तेंदुए द्वारा एक पालतू कुतिया को निवाला बनाए जाने की सूचना मिली है। तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के पास पहले से ही एक पिंजरा लगाया जा चुका है। पिंजरे में चारे के रूप में बकरा भी बांधा गया है। इसके बावजूद तेंदुआ पिंजरे के पास नहीं फटका है। अब पिंजरे को दूसरे स्थान पर लगाकर उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों को कहा गया है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और तेंदुआ दिखते ही निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम को सूचना दें।