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वर्तमान को अतीत से जोड़ता विश्व रिकॉर्ड का इवेंट

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फोटो-29एलकेएच202 और 203
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113 घंटे का रिकॉर्ड भेद कर आगे बढ़े यतीश
यतीश बनाएंगे ऐसा रिकॉर्ड कि विश्व करे भारत पर नाज

गोला गोकर्णनाथ। लांगेस्ट मैराथन रीडिंग अलाउड कार्यक्रम में 130 घंटे का लक्ष्य लेकर लगातार पढ़ाई कर रहे यतीशचंद्र शुक्ल ने नेपाल काठमांडू के दीपक शर्मा का 113 घंटे पढ़ाई का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड का पहला रिकॉर्ड भेदकर आगे बढ़ गए हैं। यतीश ऐसा विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं कि पूरी दुनिया भारत पर नाज करे। यतीश का यह इवेंट लोगों को वर्तमान से अतीत को जोड़ रहा है। नगर और क्षेत्र वासियों के लिए यह कार्यक्रम किसी रोमांच से कम नहीं है। विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए यतीश में गजब का जुनून और जोश दिख रहा है। लगातार पढ़ाई कर घंटों का शतक बनाने के दौरान उन्होंने 55 ब्रेक लेकर आवश्यकतानुरूप सात घंटे 30 मिनट का विश्राम किया। उनके प्रत्येक घंटे के पड़ाव पर पूरा हॉल भारत माता के जयकारों से गूंजने लगता है और लोगों के हाथों में तिरंगे लहराने लगते हैं।

फोटो-29एलकेएच206
घंटों का शतक बनने पर नगर में जश्न का माहौल

शनिवार की दोपहर 12:30 बजे जैसे ही श्री रामचरितमानस की चौपाइयों के साथ यतीश ने 100 घंटे पूरे किए। कृषक समाज इंटर कॉलेज से लेकर सदर चौराहे तक ढोल नगाड़े, पटाखों की गूंज सुनाई देने लगी। हाल में बैठे सांसद रविप्रकाश वर्मा, डॉ पूर्वी वर्मा, केशव अग्रवाल, आदि ने फूल मालाओं से यतीश को लाद दिया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे पलिया विधायक रोमी साहनी और एसडीएम अखिलेश यादव ने भी फूल माला पहनाकर हौसला बढ़ाया।
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फोटो-29एलकेएच205

देखते ही बना विद्यार्थियों का उत्साह
वर्ल्ड रिकॉर्ड के 100 घंटे पूरे होने पर विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद गुरु हरिकिशन, सीजीएन पीजी कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती विद्या निकेतन, डीजी मेमोरियल, कृषक समाज आदि कालेजों के विद्यार्थी भांगड़ा की धुनों पर थिरकने लगे और कुछ विद्यार्थियों ने आर्गन की धुन पर गीत संगीत की महफिल जमा दी।

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वर्तमान में अतीत का संयोजन

यतीश का कहना है कि आज की पीढ़ी इंटरनेट के दौर में अपने अतीत से कटती जा रही है। पुस्तकीय पाठन नाम मात्र का बचा है। इसलिए वह इस इवेंट में धार्मिक और साहित्यिक पुस्तकें ही पढ़ रहे हैं ताकि युवाओं में अतीत और धार्मिक भावनाओं को बल मिले। पुस्तकीय पाठन के प्रति रुझान जगे।
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स्फूर्ति लाने के लिए लगाते हैं दौड़
100 घंटे से लगातार पढ़ाई कर रहे यतीश डॉक्टरों की निगरानी में तरल पदार्थों का ही सेवन कर रहे हैं। जब शरीर में थकान और सुस्ती छाने लगती है तो वह स्फूर्ति लाने के लिए कृषक समाज इंटर कॉलेज के मैदान में अपने साथियों के साथ, निर्धारित समयांतराल में दौड़ लगा लेते हैं।
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