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यहां तो खुद ही ‘खुले’ में जा रहे ‘जिम्मेदार’
प्रधान और कोटेदार ने बनवाए शानदार मकान, लेकिन नहीं बनवाए शौचालय
गांव में टीम की टिगरिंग के दौरान हुआ खुलासा
डीपीआरओ ने लगाई फटकार, जल्द बनाने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करने की मुहिम को ग्राम प्रधान और कोटेदार ही पलीता लगा रहे हैं। लाखों की लागत से शानदार मकान बनवाने के बावजूद घर में शौचालय नहीं बनवाया है, बल्कि सुबह लोटा लेकर प्रधान, कोटेदार सहित परिवार के लोग खेत में शौच को जाते हैं। यह मामला निघासन ब्लॉक की ग्राम पंचायत बंगलहा कुटी का है, जहां सुबह टिगरिंग करने वाली टीम ने इसका खुलासा होने पर मामले की जानकारी डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद को दी है।
निघासन की ग्राम पंचायत बंगलहा कुटी को ओडीएफ करने की मुहिम चलाई जा रही है, जिस दौरान स्वच्छाग्रहियों की टीम को पता चला कि प्रधान बेनी माधव और कोटेदार राजेंद्र कुमार के घरों में शौचालय नहीं बने हैं जबकि मकान को लाखों की लागत से बनाया गया है। फालोअप करने वाली टीम से ग्रामीणों ने भी इस बात की शिकायत की। जानकारी मिलने पर डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद भी हैरान रह गए। डीपीआरओ ने प्रधान और कोटेदार को फोन पर फटकार लगाते हुए तुरंत शौचालय बनवाने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
पांच साल पहले मकान बनवाया था। पंचायत चुनाव में ज्यादा पैसा खर्च होने के चलते शौचालय नहीं बनवा पाया था। फिर गांव को ओडीएफ कराने के लिए अन्य घरों में शौचालय बनाने के काम में मिस्त्री बिजी थे। अब शौचालय बनवाने के लिए गड्ढा खोदवाया जा रहा है। जल्द ही शौचालय बनवा लिया जाएगा।
बेनी माधव, ग्राम प्रधान, बंगलहा कुटी
वर्जन........
बंगलहा कुटी के प्रधान और कोटेदार ने अपने घरों में शौचालय नहीं बनवाया है, जो चिंता का विषय हैै। गांव को ओडीएफ कराने के अभियान का प्रधान और कोटेदार महत्वपूर्ण हिस्सा हैं इसलिए प्रधान और कोटेदार को शीघ्र शौचालय बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को दोनों ने गड्ढे खुदवाएं हैं।
- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ