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शारदा की जद में आए तीन ग्रामीणों के घर
पलिया, बिजुआ और फूलबेहड़ ब्लॉक केदो सौ गांवों में बाढ़ का खतरा
घर छोड़कर भाग रहे ग्रामीण, प्रशासन से नहीं मिली कोई मदद
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शारदा नदी की बाढ़ की जद में पलिया, बिजुआ और फूलबेहड़ ब्लॉक क्षेत्र के करीब दो सौ गांव हैं। यहां के लोगों को बाढ़ की चिंता सता रही है। वहीं, प्रशासन बेफिक्र नजर आ रहा है। नयापुरवा में शारदा नहीं ने तीन ग्रामीणों के घरों को अपनी जद में ले किया है। अन्य ग्रामीण भी अपना घर छोड़कर भागने लगे हैं। डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह का कहना है कि जिले में कुछ स्थानों पर पानी जरूर भर गया है, लेकिन बाढ़ की स्थिति नहीं है।
मझगईं। इलाके के नयापुरवा में शारदा नदी का कहर लगातार जारी है। शारदा नदी ने यहां तीन ग्रामीणों के घरों को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। जिससे भयभीत होकर ग्रामीण घर छोड़कर भागने लगे हैं। शारदा नदी इस गांव में लगातार तेजी से भूकटान कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर कोई भी मदद न करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक उनके घर शारदा में समाने जा रहे हैं लेकिन प्रशासन की नजर में इलाके में बाढ़ ही नहीं आई है। नया पुरवा निवासी अशर्फी, शारदा और रामभरोसे के घरों को शारदा नदी ने काटकर अपने आगोश में समाना शुरू कर दिया है जिससे खौफजदा ग्रामीणों ने सामान समेटकर घर छोड़ वहां से दूसरी जगह शरण लेनी शुरू कर दी है। ग्रामीण खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो हफ्ते से शारदा नदी कहर बनकर नयापुरवा गांव वालों पर टूट रही है, मगर प्रशासन व किसी जनप्रतिनिधि की नजर अभी तक इस गांव में नहीं पड़ी है और न ही किसी ने यहां आने की जहमत ही उठाई है। इससे ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त है।
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कम हुआ शारदा का जलस्तर
पलियाकलां। लगातार घटते-बढ़ते जलस्तर के बीच शारदा नदी का रुख बृहस्पतिवार को कुछ नरम दिखाई दिया। नदी का जलस्तर कम हो गया है। नदी का बहाव भी धीमा हो गया है। नदी का बहाव धीमा होने के कारण नदी ने कटान का दायरा भी कम कर दिया है। ग्रामीणों ने तो कुछ राहत की सांस ली है मगर उनके चेहरों पर अब भी चिंता की लकीरें हैं, वह इसीलिए क्योंकि मामूली बरसात में जलस्तर काफी बढ़ जाता है जिससे ग्रामीण काफी परेशान हैं।