लखीमपुर खीरी। जनपद के परिषदीय विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के आधार अब तक नहीं बने हैं। ऐसे में विभाग की ओर से मिलने वाली योजनाओं से अब बच्चे वंचित रहे जाएंगे। शासन का निर्देश है कि बिना आधार प्रमाणीकरण के बच्चों को योजनाओं का लाभ न दिया जाए लेकिन जिले के सवा लाख बच्चों के आधार ही नहीं बने हैं, जबकि पांच लाख से ज्यादा बच्चों के पेंडिंग है।
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को एमडीएम के अलावा बस्ता, जूता मोजा, स्वेटर और ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जाती है। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अब तक कुल 8,60,353 बच्चों ने नामांकन कराया है, जिसमें से 1,25,879 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं हैं। शासन से आई सूची में अब तक 5,67,790 बच्चों के आधार वेलिडेशन पेंडिंग हैं, जबकि 18,865 आधार अपलोड के समय हुई त्रुटि की वजह से फेल हो गए।
वहीं 10,518 बच्चों के आधार दो बार अपलोड होने की वजह से डुप्लीकेट हो गए हैं। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों व उनके अभिभावकों के लिए आधार प्रमाणन की अनिवार्यता मुश्किलें खड़ी कर रहा है। उधर, विभागीय अधिकारी बताते हैं कि शासन से मिले आदेश के बाद विभागीय अधिकारी यू डायस प्लस पोर्टल पर बच्चों के आधार अपलोड करने का कार्य युद्ध स्तर पर कर रहे हैं।
छात्रवृत्ति और डीबीटी योजना का नहीं मिला लाभ
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत आठ लाख के ज्यादा बच्चे यदि समय से अपना आधार उपलब्ध नहीं करा पाएंगे तो आने वाले समय में वह वजीफा के साथ शासन से जूता मोजा और बैग व स्वेटर खरीदने के लिए 1200 रुपये पाने से वंचित रह जाएंगे।
फैक्ट फाइल
पंजीकृत बच्चे - 8,60,353
आधार पेंडिंग- 5,67,790
फेल हुआ आधार-18,865
अपलोड आधार- 1,47,819
दो बार अपलोड आधारों की संख्या- 10,518
आधार वेलिडेट का कार्य शिक्षक खुद करते हैं। यदि बच्चों के आधार नहीं हैं तो हमारे पास मशीनें हैं, उनके आधार बनवाए जाएंगे। डीबीटी के माध्यम से भेजी जाने वाली योजनाओं की राशि के लिए आधार जरूरी है। बिना आधार के धनराशि खातों में नहीं भेजी जाती है। - डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए