बॉर्डर पर विवादित खाईस्थल का डीडी ने किया निरीक्षण
गौरीफंटा (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर पर नोमैंस लैंड स्थित विवादित सुरक्षा खाई का दुधवा नेशनल पार्क के डीडी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय सीमा में दोबारा खाई खोदने के निर्देश अधीनस्थों को दिए हैं। साथ ही भारत-नेपाल के प्रवेश द्वार पर अर्द्धनिर्मित पिलर्स का भी डीडी ने अवलोकन किया। इस दौरान स्टाफ में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
बता दें कि बीते दिनों दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र में वन कटान तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खाई खोदने का कार्य चल रहा था। जिसमें कुछ नेपालियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए पानी भरने और ढलान बनाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद से खाई खोदने के कार्य को बंद कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को दुधवा नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने बॉर्डर के नोमैंस लैंड स्थित खाई का जायजा लिया। उन्होंने खाई को शुक्रवार से दोबारा भारत की सीमा में खोदने के निर्देश दिए हैं। विवादित खाई के संबंध में पूछने पर डीडी ने बताया कि पार्क रेंज द्वारा खोदी जा रही खाई भारतीय सीमा क्षेत्र में है जोकि नोमैंस लैंड के दायरे से बाहर है। बताया कि यदि नेपाल सरकार को किसी प्रकार की आपत्ति है तो वह लिखित में दें जिससे नोमैंस लैंड और सीमा पर अतिक्रमणकारियों को हटाया जा सके। इसके बाद डीडी ने भारत-नेपाल के प्रवेश द्वार पर अर्द्धनिर्मित पिलर का अवलोकन किया। साथ ही कस्टम विभाग के भवन निर्माण के लिए एलॉट की जाने वाली भूमि भी देखी। इस दौरान रेंजर मनोज श्रीवास्तव, वन दरोगा एमके मौर्य उर्फ कमांडो, संत प्रकाश त्रिपाठी, जमुना प्रसाद, रमेश पांडेय, उमाशंकर आदि वनकर्मी मौजूद रहे।