गन्ना समिति ने दी अनियमित सट्टा धारकों को नोटिस
गन्ना भुगतान पर लगी रोक, बंद हो सकते हैं सट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ। सहकारी गन्ना विकास समिति में गन्ना किसानों के सट्टों की जांच में अनियमित पाए गए सट्टेदारों का गन्ना भुगतान रोककर उन्हें नोटिस जारी किए गये, किंतु गलत सट्टा बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे किसानों में रोष है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा की ओर से मुख्यमंत्री से की गई शिकायत की जांच ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमर प्रताप सिंह ने की थी, जांच में चार लोगों के दोहरे, सात भूमिहीनों और 19 के सट्टों में अधिक भूमि दर्ज होना पाई गई थी। जांच अधिकारी ने इन सट्टेधारकों का गन्ना भुगतान रोके जाने का आदेश सचिव और बजाज चीनी मिल गोला और बलरामपुर चीनी मिल कुंभी के अध्याशियों को दिए थे। सचिव ने जांच में अनियमित पाए गए सट्टा धारकों को नोटिस जारी किए, लेकिन सट्टा बनाने वाले कर्मचारियों के विरुद्घ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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इनके सट्टों में मिली अनियमितता
जांच में सहकारी गन्ना विकास समिति संचालक कन्हैयालाल बाजपेयी के कुंभी मिल में दो सट्टे मिले इनमें चपरदहा गांव से बने सट्टे में दर्ज भूमि फर्जी पाई गई। पूर्व संचालक एवं डेलीगेट रामराखन बाजपेयी के पुत्र पवन कुमार का गोला और कुंभी में दोहरा सट्टा मिला जिसमें कुंभी के रामखेड़ा गांव की दर्ज भूमि फर्जी मिली। रामराखन बाजपेयी की पत्नी माया देवी कोरवा के सट्टे में दर्ज भूमि वास्तविकता से अधिक मिली, उनके पुत्र कुलदीप का भी सट्टा है, जांच में कुलदीप भूमिहीन पाए गए। रामराखन बाजपेयी के पुत्र गन्ना समिति डेलीगेट विजय कुमार बाजपेयी ग्राम कोरवा के सट्टे में भी दर्ज भूमि वास्तविकता से अधिक जांच में मिली है।
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19 सट्टों में दर्ज है अधिक भूमि
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गोला की जांच में रामराखन बाजपेयी के पुत्र कृष्ण कुमार बाजपेयी गोला, आशीष कुमार तिवारी देवीपुर, बजाज चीनी मिल कर्मचारी ओमकार प्रसाद कंजा, उमाशंकर सेहनियां, पुत्तूलाल मूड़ाअस्सी, रामपाल और रागिनी देवी नकारा, हबीब खां, शराफत, जफरुल्ला, इलियास, सिकंदर, मुर्सलीम, अब्दुल सलीम नयागांव, सकुन, अवधेश कुमार, अलीशेर अल्लीपुर की सट्टों में दर्ज भूमि वास्तविकता से अधिक जांच में पायी गई। वास्तविक पाई गई भूमि के आधार पर ही सट्टेदारों का भुगतान करने का आदेश दिया है।