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नदियों का जलस्तर घटने ुसे भूकटान का खतरा बढ़ा
फूलबेहड़ और पलिया के कई गांव कटान की जद में
पलिया क्षेत्र के कई गांवों, रास्तों और खेतों में अब तक भरा है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। बनबसा से छोड़े गए पानी के शारदा बैराज से गुजर जाने के बाद शारदा का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। शुक्रवार को शारदानगर बैराज पर नदी का जलस्तर 134.25 दर्ज किया गया। यहां से 18680 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। वहीं गिरजापुरी बैराज में जलस्तर 134.40 रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को बैराज से 32,666 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। नदी का जलस्तर कम होने से भूकटान का खतरा बढ़ गया है।
फूलबेहड़ ब्लॉक में शारदा नदी अपना रुख पिपरा और खमरिया गांव की ओर कर रही है। इससे ऊंचे स्थानों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। पिपरा, बेड़हा, बेचनपुरवा, अहिराना गांव अब भी नदी के निशाने पर है। ग्रामीणों की माने तो नदी का पानी इन गांवों में पहुंच रहा है। जिले में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह शनिवार को जिले का दौरा कर रहे हैं। वह शारदानगर जाकर बाढ़ से बचाव कार्यों का जायजा लेंगे और मुख्यालय पर बाढ़, कटान की समीक्षा करेंगे।
महेवागंज/सुंदरवल। शारदा नदी का जलस्तर घटने से फूलबेहड़ क्षेत्र में तटबंध के अंदर बसे गांवों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। वहीं ग्रामीण अब नदी के कटान को लेकर आशंकित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी अपना रुख पिपरा और खमरिया गांव के सामने कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले साल घोसियाना, सुतिया, करदईया, मानपुर, जंगल नं.11 आदि गांव नदी में समा चुके है। सैकड़ों एकड़ फसल भी नदी के निशाने पर है।
पिछले वर्ष नदी ने कई गांवों को उजाड़ने के बाद गूम गांव की ओर रुख किया था। हाल ही में गूम गांव के सामने परकोपाइन से ठोकर आदि बनाकर किसी तरह कटान रोका गया है। ठोकर निर्माण से गूम वालों को भले ही थोड़ी राहत मिलती नजर आ रही हो लेकिन इससे सटे पिपरा, बेड़हा, बेचनपुरवा, अहिराना गांव अब भी नदी के निशाने पर हैं।
बैराज पर प्रतिदिन रिकार्ड हो रहा जलस्तर
शुक्रवार को शारदानगर बैराज पर नदी का जलस्तर 134.25 दर्ज किया गया। यहां से 18680 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। वहीं गिरजापुरी बैराज में जलस्तर 134.40 रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को बैराज से 32, 666 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। शारदा बैराज के अधिशाषी अभियंता डीसी वर्मा ने बताया कि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। कुछ दिन पहले बनबसा से छोड़ा गया पानी अब यहां से पास हो चुका है।
इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते में अब भी जलभराव
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। हालांकि घटते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी हैं। नदी ने कटान तेज कर दिया है। धूप निकलने से जलभराव तो खत्म हुआ है लेकिन अभी भी इमलिया फार्म जाने वाले रपटा पुल पर पानी चल रहा है। वहीं आसपास इलाके की कृषि भूमि में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। लाही, गन्ना आदि फसलों में पानी भर जाने से ग्रामीण खासे परेशान हैं तथा खेतों में खाद आदि नहीं डाल पा रहे हैं।
बता दें कि बीते दिनों हुई बरसात ने शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा दिया था जिससे नदी काफी बढ़ गई थी। इसके बाद बारिश न होने तथा धूप निकलने से कुछ राहत मिली और शारदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा। कम होते जलस्तर से कुछ राहत तो मिली लेकिन जलस्तर कम होने के बाद नदी ने भूकटान शुरू कर दिया। जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नदी का रुख भीरा इलाके की तरफ था तो भीरा के कई गांवों में ग्रामीणों की जमीनों को शारदा ने काटना शुरू कर दिया। शारदा ने मरौंचा, मटैहिया, कचनारा, दौलतापुर, श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर के साथ ही अन्य शारदा से सटी हुई जमीनों को काटना शुरू कर दिया और देखते ही देखते धीरे-धीरे जमीनें नदी में समाने लगीं।
केवल दिखावे के लिए बनाई गई ठोकरें
श्रीनगर गांव को बाढ़ के कटान से बचाने के लिए बनाई गई ठोकरें केवल नाममात्र ही रही। हल्का सा जलस्तर बढ़ने के बाद ठोकरें नदी में समा गईं। जबकि उनके बनाए गए पिलरों के पास भी पानी पहुंच गया है। जिससे यहां कटान के लिए किए जा रहे बचाव केवल दिखावा ही साबित हो रहा है।
नयापुरवा में भी तेजी से हो रहा कटान
मझगईं। नयापुरवा में बीते वर्ष आई बाढ़ से शारदा नदी दो भागों में बंट गई थी। गांव के बीचोंबीच एक नाला बन गया था जिसमें अब पानी काफी तेज बहाव से बह रहा है। जिसके चलते गांव में नदी ने भूकटान तेज कर दिया है। कई ग्रामीणों के घरों के बाहर नदी का पानी पहुंच गया है। जिससे उनमें हड़कंप मचा हुआ है।