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जिस दुकान पर पंक्चर जोड़ता था उमर, वहीं आज हुआ स्वागत

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बिजुआ। राष्ट्रपति के हाथों से पुरस्कार लेकर वापस आए उमर हयात के इस्तकबाल के लिए आज बिजुआ के लोग पलक पांवड़े बिछाए बैठे थे। गांव के हर खास और आम के साथ उसके सहपाठी, गुरुजनों ने उसे सीने से लगा लिया। पंक्चर की दुुुकान पर ही लोग मिठाई और फूल-माला लेकर पहुंचे लोगों ने दिल से मुबारकबाद दी।
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कानपुर में डीएवी कालेज में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों धारा रानी रजत पदक पुरस्कार से सम्मानित होकर लौटे उमर हयात का लोगों ने जोरदार स्वगात किया। उनकी पंक्चर रिपेयर दुुकान पर ही एक कार्यक्रम तक हो गया, इस मौके पर उमर के अब्बू अब्दुल हलीम बोले कि मैं कर्जदार हूं कि मेरे जैसे गरीब के बेटे को आज रारूट्रपति ने पुरस्कार दिया जिससे आज उनका नाम भी रोशन हो रहा है। उमर को गांव के बुजुर्ग कोटेदार लल्लू राम गुप्ता, बस स्वामी पप्पू गुप्ता, आलोक मिश्रा मानिक, पहले गुरु रहे सिद्धेश शंकर शुक्ल, ललित बाल्मीकि समेत दर्जनों लोगों ने स्वागत किया।

दोस्तों को खुशी, उनका यार है उमर
बिजुआ। उमर हयात कल तक आम युवक था, उसकी पहचान मुल्ला जी पंक्चर दुकान थी, आज उसकी पहचान बदल गई, आज राष्ट्रपति के हाथों से पुरस्कार प्राप्त छात्र की बन गई है। उमर के दोस्तों ने कहा कि उन्हें फख्र है कि वह हमारा दोस्त है, तालिब खान, अलीमुद्दीन, जहरुदीन, अब्दुल कलाम, नाजिर, सोनू, मोईन समेत दोस्तों ने मुबारक बाद दी।
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