बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। मैलानी रेंज के जटपुरा बीट जंगल से सटे पूर्व प्रधान के झाले में सोमवार रात बाघ घुस आया। दो दिन पहले घर में घुसे तेंदुए की फिर मौजूदगी का अहसास होने पर पुत्र कमलेश कुमार आंगन की ओर पहुंचा तो टार्च की रोशनी में कुछ दूरी पर सामने खड़े बाघ को देख होश उड़ गए। चीखने-चिल्लाने पर घर के अन्य लोग भी शोर मचाने लगे। बाघ गन्ने के खेत में जाकर छिप गया। कमलेश ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे हरदुआ पंचायत के पूर्व प्रधान श्याम लाल के झाले में पहुंचा तेंदुआ तीन दिन के अंतराल में दो पालतू कुत्तों को अपना शिकार बना चुका था। परिवारीजन अभी इस घटना को भूल भी नहीं पाए थे कि सोमवार रात करीब 11 बजे एक बाघ उनके आंगन में जा पहुंचा। आंगन में किसी की मौजूदगी के अहसास के चलते कमरे में जाग रहे पूर्व प्रधान के पुत्र कमलेश कुमार जब आंगन की ओर जाने लगे तो टार्च की रोशनी में उन्हें कुछ दूरी पर एक बाघ खड़ा दिखाई दिया। बाघ को सामने खड़ा देख दहशतजदा कमलेश ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्यों ने शोर मचाना शुरू दिया। शोर-गुल की आवाज होने पर बाघ वहां से हटकर गन्ने खेत में छिप गया। बाघ की मौजूदगी के चलते परिवारीजनों ने घर के बाहर आग जलाकर रात काटी। गन्ने के खेत में छिपे बाघ के दहाड़ने की आवाज पूरी रात सुनाई देती रही। मंगलवार सवेरे कमलेश ने इसकी सूचना मैलानी वन विभाग को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा ने झाले के किनारे ताजे पगचिह्न देखकर वहां बाघ मौजूदगी की पुष्टि की है।
पूर्व प्रधान के झाले पर एक बाघ पहुंचने की सूचना मिली है। बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से कुछ दूरी पर पूर्व प्रधान का झाला है। जंगल से निकलकर अक्सर बाघ चहलकदमी करते हुए बाहरी किनारों तक जाने के बाद वापस जंगल लौट जाता है। वन कर्मियों की टीम बाघ की निगरानी में लगी है। फिर भी सतर्कता बरतनी चाहिए।
-डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन