लखीमपुर खीरी।
मितौली क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को देखने के लिए शुक्रवार रात जिला अस्पताल पहुंचीं धौरहरा की सांसद रेखा वर्मा ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. डीके यादव पर गुस्सा गईं। उन्होंने उन्हें शराब के नशे में मानते हुए तुरंत सीएमओ और सीएमएस को बुलाकर ईएमओ का मेडिकल कराया। सांसद जब जिला अस्पताल पहुंची थीं तो घायल एक मरीज दर्द से कराह रहा था। उसको डाक्टर की ओर से तुरंत न देखने पर वह गुस्सा गईं और इमरजेंसी की अव्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
कस्ता ममरी रोड पर खमरिया मोड़ के पास गन्ने भरे खड़े ट्राला में एक कार शुक्रवार रात में भिड़ गई थी, जिसमें मितौली के कोरियानी निवासी चंद्रिका (50) प्रथम, चंद्रिका (45), लालदेव(65), हरिवंश (60) एंव मुगलीपुर निवासी हुकुमचंद (40) घायल हो गए। इन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसकी सूचना के बाद घायलों का हाल जानने के लिए शुक्रवार रात करीब साढ़े 10 बजे धौरहरा सांसद रेखा वर्मा जिला अस्पताल पहुंच गईं। वहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती चंद्रिका तड़प रहा था। सांसद को पता चला कि उसका अभी इलाज शुरू नहीं किया गया है, जबकि अब तक टांके लग जाना चाहिए था। इस पर सांसद सीधे इमरजेंसी पहुंचीं। सांसद ने जैसे ही ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. डीके यादव से बात की, उन्हें लगा कि वह नशे में हैं, इस पर सांसद खफा हो गईं। सांसद ने कहा कि डॉक्टर होकर इमरजेंसी में नशे में काम कर रहे हो। सांसद ने डॉक्टर को जमकर लताड़ लगाई और सीएमओ डॉ. जावेद अहमद व सीएमएस डॉ. अरुण कुमार गौतम को इमरजेंसी में बुलवाकर ईएमओ का मेडिकल परीक्षण कराने को कहा। सीएमएस ने ईएमओ का मेडिकल परीक्षण कराया। सांसद ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी डॉ. संतोष मिश्रा, सर्जन अखिलेश वर्मा आदि लोग मौजूद रहा।
मेडिकल में नहीं हुई नशे की पुष्टि
इमरजेंसी में सांसद को नशे में मिले ईएमओ डॉ.डीके यादव का सीएमएस ने उनका परीक्षण कराया, लेकिन उसमें नशे की पुष्टि नहीं हो सकी। परीक्षण करने वाले डॉ.आरपी वर्मा ने बताया कि परीक्षण में के नशे की पुष्टि नहीं हुई। वहीं ईएमओ डॉ. डीके यादव का कहना है कि सर्दी जुकाम के चलते एंटी कोल्ड सीरप पिया था।
डॉक्टर से मांगा स्पष्टीकरण
सीएमएस डॉ.अरुण कुमार गौतम ने मामले को गंभीरता से लिया है। उनका कहना है कि यदि निरीक्षण न होता तो शायद मरीज को रात भर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे वह परेशान होता। सीएमएस ने बताया कि डॉ. डीके यादव की रात्रि ड्यूटी पर पाबंदी लगाने के साथ ही मामले में उनका स्पष्टीकरण मांगा है।