गौरीफंटा-पलिया। भछारत-नेपाल सीमा पर स्थित थारू जनजाति के तीन दर्जन गांव में एक भी पुस्तकालय की व्यवस्था न होने पर एसएसबी की तरफ से इस ओर प्रयास किया जा रहा है। थारू गांवों में एसएसबी की तरफ से पुस्तकालय खोले जाएंगे, जिससे थारू गांवों के पढ़े लिखे लोगों को अखबार व मुख्य हिंदी व अंग्रेजी पत्रिकाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह ने बताया कि अभी भी भारत नेपाल सीमा पर इतने पिछड़े गांव हैं जहां आज भी अखबार नहीं पहुंच पाया है। हमारी कोशिश है कि उन गांव तक भी अखबार पहुंचे वहां लाइब्रेरी खुले इसका प्रस्ताव हमने भारत सरकार को भेजा है। बताया कि हमने कीरतपुर, सूंडा, बनकटी, सरियापारा सहित यह सुविधा आस पास के गांव में उपलब्ध करा दी है। थारू जनजाति के गांव में कंपटीशन की तैयारी करने वाले छात्र छात्राओं एवं सभी उम्र के लोगों के पढ़ने के लिए कई तरह के अखबार और मुख्य हिंदी एवं अंग्रेजी पत्र पत्रिकाएं भी पढ़ने की व्यवस्था उन्हीं के गांव में की है।