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सात वर्षों के बाद सोमवार को पड़ रही महाशिवरात्रि

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गोला गोकर्णनाथ। सात वर्ष बाद सोमवार को पड़ रही महाशिवरात्रि को लेकर शिव मंदिर में खास तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर का रंग-रोगन तेजी से किया जा रहा है, गोकर्ण तीर्थ की तली झाड़ सफाई करा दी गई है जिसमें शनिवार से जल भरना शुरू हो जाएगा। वहीं धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी है। शिव की नगरी में ऊं नम: शिवाय की गूंज होगी।
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पं रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2012 में सोमवार को महाशिवरात्रि पड़ी थी, इस बार चार मार्च को सोमवार के दिन महाशिवरात्रि पड़ रही है। पर्व की महत्ता के लिए मंदिर को सजाया संवारा जा रहा है। महाशिवरात्रि को काफी संख्या में भक्त दर्शन पूजन को उमड़ते हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीओ अभिषेक प्रताप ने बताया कि पर्व पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जाएंगे। कहा कि भक्तों को पूजन अर्चन में कहीं कोई असुविधा न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

शिवरात्रि पर निकलेगी भव्य शिव बरात
महाशिवरात्रि पर चार मार्च को शाम 7.30 बजे भव्य शिव बरात निकाली जाएगी। शिव बरात में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्रादिक देवताओं को भव्य झांकियां भी शामिल रहेंगी। बरात खुटार रोड से निकलकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिव मंदिर पहुंचेगी।
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देवस्थान रानीगंज भैठिया में महाशिवरात्रि पर शिव बरात क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों से होकर नगर के पौराणिक शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां से बसलीपुर, गदियाना, नाथूपुर होते हुए रानीगंज देवस्थान पर शिव बरात समाप्त होगी। मंदिर के पुजारी पराग गिरि, आयोजक विकास सोनी ने बताया कि पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिव परिवार की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। साथ ही भंडारा, रात्रि जागरण किया जाएगा।

251 यजमान करेंगे रुद्राभिषेक
गोला गोकर्णनाथ। पं रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि आईएएस शंभु कुमार की प्रेरणा से नीलकंठ मैदान पर चार मार्च की रात्रि आठ बजे से अतुल अग्रवाल के विशेष सहयोग से 125 पार्थिव शिवलिंग बनाकर 251 यजमानों से पूजन एवं रुद्राभिषेक होगा, जिसमें डीएम, एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि संतान की सुख समृद्धि के लिए दूध से, धन प्राप्ति के लिए गन्ने के रस, यश प्राप्ति के लिए शहद से और स्वास्थ्य रक्षा के लिए औषधि से रुद्राभिषेक कराया जाता है। उन्होंने 125 पार्थिव शिवलिंग बनवा लिए हैं।
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