ममरी। गांव परबस्तनगर की आबादी में बनी विजय कुमार यादव की पशुशाला में मंगलवार की रात पांचवीं बार बाघ घुसा और पशुओं पर हमले का प्रयास किया। पशुओं के रंभाने, कुत्तों के भौंकने पर ग्रामीण जग गए। उसके बाद आग जलाने, शोर मचाने पर बाघ वहां से चला गया। पशुशाला के पास पगचिह्न भी मिले हैं। वनकर्मियों ने इसकी पुष्टि की है।
वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर की देवीपुर वीट के जंगल से निकलकर मंगलवार की रात एक किमी दूर परबस्तनगर की आबादी में घुसे बाघ ने विजय कुमार यादव की पशुशाला में बंधे पशुओं पर हमला करने का प्रयास किया। हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआा। कुत्तों के भौंकने, पशुओं के रंभाने, गांव वालों के शोर मचाने पर बाघ वहां से चला गया। गांव के लोगों ने बताया कि इससे पहले चार बार यहां बाघ आ चुका है। घटना की जानकारी मिलने पर फारेस्टर राम प्रसाद, वनरक्षक विनीत सिंह मौके पर पहुंचे और बाघ के आबादी में घुसने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि की। रेंजर मोहममद आरिफ ने बताया कि बाघ की निगरानी के लिए टीम लगाई जा रही है।