बांकेगंज। ब्लॉक प्रमुख ज्ञानवती भले ही स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने की बात कह रही हैं, लेकिन राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए अपना त्याग-पत्र दे दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के बाद ब्लॉक प्रमुख पद पर कब्जा जमाए बैठे सपा के दो प्रमुखों ने भाजपा का दामन थाम कर अपनी कुर्सी बचाई तो वहीं चार ने अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पदच्युत हो गए। कुल मिलाकर जिले में अब तक सात ब्लॉक प्रमुखों को अपने पद से हाथ धोना पड़ा। सूबे में बीजेपी की सरकार बनने के बाद जिले में ब्लॉक प्रमुख पदों पर सपा पार्टी के प्रमुख काबिज थे। सरकार बनने के बाद सपा पार्टी के प्रमुखों के हटने का सिलसिला जो शुरू हुआ वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले बिजुआ, मितौली, फूलबेहड़, ईसानगर, रमिया बेहड़ और कुंभी के ब्लॉक प्रमुखों में फूलबेहड़, बिजुआ, कुंभी और मितौली में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए अपने पद से हाथ धोना पड़ा तो वहीं रमिया बेहड़ और ईसानगर प्रमुखों ने भाजपा का दामन थाम कर अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहीं। बांकेगंज ब्लॉक प्रमुख पद की कुर्सी पर सत्तासीन सपा की ज्ञान देवी के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। बीडीसी मेंबर अविश्वास प्रस्ताव ला पाते इससे पहले ही ब्लॉक प्रमुख ज्ञान देवी ने समझदारी का परिचय देते हुए बुधवार अपना त्याग-पत्र जिला पंचायत अध्यक्ष को दे दिया। हालांकि उन्होंने इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य खराब होना बताया है।
बांकेगंज में पिछले कुछ दिनों से भाजपा के कुछ बीडीसी मेंबर अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयार कर रहे थे। जिसकी शुरूआत राजनीतिक हल्कों में तेज होने लगी थी। अविश्वास प्रस्ताव के लिए ब्लॉक प्रमुख पद के प्रबल दावेदार पूरी तरह समर्थन जुटा पाते और अविश्वास प्रस्ताव पेश करते इससे पहले ही ज्ञान देवी ने पद छोड़कर सभी को चौंका दिया।
बांकेगंज ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ शुरू
बांकेगंज ब्लॉक की निवर्तमान प्रमुख ज्ञान देवी के इस्तीफे के बाद क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख पद की कुर्सी के जोड़तोड़ शुरू हो गई है। पिछड़ा वर्ग (महिला) के लिए आरक्षित इस पद पर भाजपा के कई नेता अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर आलाकमान सहित क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी की गणेश परिक्रमा करने में जुट गए है। फिलहाल चुनाव दूर होने के कारण जिम्मेदार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।