लखीमपुर खीरी। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी में पुलिस की लापरवाही अब उसके ही गले की फांस बन गई है। एसपी ने निगरानी में लापरवाही मानते हुए पूरे मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
एसपी पूनम जिले में हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन का अभियान चला रही हैं। अभियान में जिले के कुल 1858 हिस्ट्रीशीटरों में से पुलिस ने बुधवार तक 1665 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया है, जिसमें मृतक हिस्ट्रीशीटरों की संख्या 79 से बढ़कर 82 पहुंच गई है। खासबात यह है कि मृतकों में शामिल कई हिस्ट्रीशीटरों की 20 साल पहले ही मौत हो चुकी है, फिर भी थाना स्तर पर मौजूद अभिलेखों में वह जीवित पाए गए, पुलिस उनकी निगरानी कर रही थी। इससे हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी व्यवस्था की पोल खुलकर जहां सामने आ गई है। वहीं एसपी ने भी इस लापरवाही को गंभीरता से लिया है। एसपी पूनम ने बताया कि हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी बीट आरक्षी करता है। चेकिंग अभियान चलाकर हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन होता है। इसके बाद भी 20-20 साल से मृत हो चुके हिस्ट्रीशीटर आदि भी रजिस्टरों में जिंदा चल रहे हैं। उन्होंने इस पर हैरानी जताते हुए इसे स्थानीय स्तर पर पुलिस की लापरवाही मानी हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
कहां से आ रहीं कारतूस जांच कराएंगी एसपी
लखीमपुर खीरी। हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के बाद अब अपराधियों के पास कारतूस कहां से आती है। एसपी इसकी भी जांच कराएंगी। पुलिस आरोपियों को तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार करती है और उसे जेल भेजकर अपना पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन यह जानने की कोशिश नहीं करती है कि आखिर अपराधी ने तमंचा कहां से खरीदा। उसने कहां से और कैसे कारतूस प्राप्त की। इसकी जांच करने की पुलिस जरूरत नहीं समझती है। एसपी पूनम ने बताया कि अपराधियों को कहां से कारतूस प्राप्त होती हैं। वह इसकी भी जांच कराएंगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्यापन से यह बात साफ हुई है कि पूर्व में हुए सत्यापन में थाना स्तर पर बड़ी लापरवाही हुई है। पूरे मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। जांच में जो दोषी होगा। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- पूनम पुलिस अधीक्षक