महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में सोमवार शाम पचपेड़ी घाट पीपा पुल पर बाइक खड़ी कर एक युवक ने शारदा नदी में छलांग लगा दी। काफी खोजबीन के बावजूद उसका पता नहीं चला है। युवक की बाइक पर सुसाइड नोट भी रखा मिला है, जिसमें उसने एक महिला के दबाव और पुलिस के बार-बार बुलाने से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया है।
घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की है। पचपेड़ी घाट पीपा पुल पर एक युवक बाइक से पहुंचा। उसने बाइक खड़ी कर शारदा नदी में छलांग लगा दी। यह देख वहां मौजूद मछुआरों में हड़कंम मच गया। कुछ मछुआरे नदी में कूद गए और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पता नहीं चल सका। किसी युवक के नदी में छलांग लगाने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंचे गांव गूम निवासी धर्मेंद्र ने पुल पर खड़ी बाइक की शिनाख्त की। बाइक पर दो पन्नों का सुसाइड नोट भी रखा हुआ था। धर्मेंद्र ने बताया कि उसका भाई रवींद्र शुक्ला (32) उर्फ पाले सोमवार शाम पांच बजे बाइक से निकला था। उसने बाइक पचपेड़ी घाट पीपा पुल पर खड़ी कर दी। करीब आधा घंटे बाद नदी में उसके कूद जाने की खबर घर आई। परिजन मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद से खोजबीन करने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण तलाश नहीं हो सकी। मंगलवार को परिवार के लोगों ने स्थानीय मछुआरों के साथ नदी में तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। सुसाइड नोट में उसने एक महिला के अलावा पुलिस द्वारा परेशान करने का जिक्र किया है।
... तो क्या पुलिस के दबाव में आकर नदी में कूदा पाले
महेवागंज। शारदा नदी में छलांग लगाने वाले रविंद्र उर्फ पाले के भाई धर्मेंद्र की मानें तो शहर के मोहल्ला हाथीपुर निवासी सौरभ नामक युवक से उसके भाई की हल्की जान पहचान थी। जिससे कभी कभार सौरभ गांव भी आ जाता था। करीब चार माह पहले सौरभ की सदर कोतवाली के एलआरपी चौकी क्षेत्र में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। मृतक की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि प्रेम संबंध में हत्या होने की आशंका जताकर पुलिस मृतक के साथियों के नाम और उनकी जानकारी देने का दबाव रविंद्र पर डाल रही थी। इससे वह डिप्रेशन में रहने लगा था।
पुलिस प्रशासन से नहीं मिला सहयोग
सुंदरवल। नदी में लापता हुए रविंद्र शुक्ला की खोजबीन में परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर बेरुखी का आरोप लगाया है। भाई धर्मेंद्र ने बताया कि नदी में छलांग लगाते देख कुछ मछुआरों ने भाई तो बचाने की कोशिश की। पर अंधेरा होने ने वह कोई मदद नहीं कर सके। सूचना पर पहुंची पुलिस हाथ पर हाथ धरे खड़ी रही। दूसरे रोज भी न तो स्टीमर मंगाया गया और न गोताखोर आए। रोशनी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। दूसरे दिन दोपहर बाद सीओ श्रेष्ठा ठाकुर मौके पर पहुंची और वे भी मौका मुआयना कर लौट आईं।
सोमवार को गोताखोरों का प्रबंध नहीं हो पाया था। आज पीएसी के गोताखोर बुलाए गए हैं। सुसाइड नोट मिला है। शहर में हुई एक हत्या के मामले में कोतवाली पुलिस उसे पूछताछ के लिए बुलाती थी। सुसाइड नोट में सौरभ की मां के दबाव और पुलिस के बार बार बुलाने से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही गई है। मामले की जांच की जा रही है।
- घनश्याम राम, प्रभारी निरीक्षक थाना फूलबेहड़