फिट मिले दुधवा के हाथी
बांकेगंज। दुधवा नेशनल पार्क के पालतू हाथियों के स्वास्थ्य की जांच सोमवार को भीरा स्थित मैलानी वन विभाग के डिपो पर बने बेस कैंप में डॉक्टरों ने की। इस दौरान वाह्य परीक्षण के साथ-साथ उनके मल, मूत्र और रक्त के नमूने भी लिए गए।
किशनपुर सेंक्चुरी के भीरा बेस कैंप में कर्नाटक से आए दस हाथियों को रखा गया है। रविवार को दुधवा के सलूकापुर बेस कैंप में हाथियों की सेहत जांचने के बाद डब्ल्यूटीआई के पशु विशेषज्ञ के अलावा गुवाहाटी से डॉ. केके शर्मा भीरा स्थित बेस कैंप पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर सभी हाथियों की जांच की। इसमें आमतौर पर सभी हाथी स्वस्थ पाए गए। इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कर्नाटक के सभी दस हाथियों के मल, मूत्र और रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे। मालूम हो कि दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डाइरेक्टर रमेश कुमार पांडेय और डीडी दुधवा महावीर कौजलगि ने जुलाई माह में कर्नाटक के हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था। इसी कड़ी में छह माह बाद दूसरी बार फिर इन हाथियों के सेहत की जांच कराई गई है। दुधवा नेशनल पार्क के वन्यजीव प्रतिपालक एसके अमरेश की देखभाल में भीरा बेस कैंप में लगाए गए हेल्थ कैंप में गुवाहाटी (असम) यूनिवर्सिटी के हेड आफ डिपार्टमेंट (वेटनरी) प्रोफेसर डॉ. केके शर्मा के साथ ही वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के डॉक्टरों ने बारी-बारी से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही इन हाथियों का वजन भी कराया गया जिसमें सभी हाथियों का वजन फिट पाया गया। इस बीच हाथियों को पौष्टिक और पसंदीदा भोजन भी दिया गया। डॉक्टरों ने पूरे दिन वहां रुककर हाथियों की गतिविधियों का अध्ययन किया।
दुधवा नेशनल पार्क एफडी रमेश कुमार पांडे ने बताया कि हाथियों के पेट के कीड़े खत्म करने के लिए इनका हर छह माह बाद चेकअप कराया जाता है। कहा कि कुछ कीड़े ऐसे होते हैं, जिनको खत्म करना जरूरी होता है। नियमित जांच से हाथियों की सेहत ठीक रहती है। डीडी दुधवा महावीर कौजलगि ने बताया कि पेट्रोलिंग वाले हाथियों का रेगुलर हेल्थ चेकअप, पौष्टिक खानपान, रखरखाव व्यवस्था के जरिए इस बात की जानकारी होती है कि इनकी सेहत में कोई अंदरूनी कमी तो नहीं है। इसके लिए काजीरंगा से डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया है। मेडिकल कैंप में बेस कैंप इंचार्ज रेंजर नसीम अहमद सहित वन कर्मी मौजूद रहे।