बांकेगंज। चौधीपुर गांव से सटे खेतों में मेड़ों की सफाई कर रहे ग्रामीणों पर शनिवार सुबह नौ बजे एक तेंदुआ झपट पड़ा। उसे छलांग लगाते देख ग्रामीण अपनी जगह से हट गए। आसपास के खेतों में काम रहे ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भागकर गन्ने के खेत में चला गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे चौधीपुर गांव की 60 वर्षीया सरबती देवी और 18 वर्षीय डालचंद्र शनिवार सुबह करीब नौ बजे गांव से सटे खेत में मेड़ की सफाई कर रहे थे। इस बीच उन्हें तेंदुए की गुर्राने की आवाज सुनाई दी। पीछे मुड़कर देखा तो वहां एक तेंदुआ बैठा था। दोनों भागने की कोशिश करने लगे, इसी बीच तेंदुए ने दोनों की ओर छलांग लगा दी लेकिन दोनों तब तक अपने स्थान से हट चुके थे। दोनों के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे ग्रामीण और राहगीरों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे तेंदुआ भागकर गन्ने के खेत में चला गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना फॉरेस्टर मोहम्मद उमर और फॉरेस्ट गार्ड को दी है। ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और खेत में मिले पगचिह्न देखकर वन विभाग ने घटना की पुष्टि की है। उप-निदेशक बफरजोन डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि गांव में वन कर्मियों की टीम तैनात कर दी गई है, जो तेंदुए की लोकेशन पता करने की कोशिश कर रही है।
इलाके में एक नहीं तीन तेंदुए हैं
चौधीपुर के ग्रामीण ओमप्रकाश, चरन, अनुज, रामकुमार आदि की मानें तो गांव की आबादी के आसपास एक नहीं तीन तेंदुए सक्रिय हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार शाम बड़ी नहर पटरी पर तीन तेंदुओं को एक साथ चहलकदमी करते हुए देखा है। उसमें से एक मादा भी हो सकती है। चौधीपुर और पूरनपुर गांव की आबादी के आसपास जिस रफ्तार से कुत्ता, बकरा-बकरियों का शिकार तेंदुए कर रहे हैं, उससे वन विभाग भी यह बात मान रहा है कि यहां पर एक से अधिक तेंदुए मौजूद हैं। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने इस बात की पुष्टि की है। वन विभाग वहां एक से अधिक तेंदुआ मानकर उसकी निगरानी में जुटा हुआ है।