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चीनी मिल ने बहा दिया शीरायुक्त पानी, फैल रहा संक्रमण, बर्बाद हो रहीं फसलें

Fri, 28 Sep 2018 10:17 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
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गोविंद शुगर मिल के अफसरों की लापरवाही से तमोलीपुरवा गांववालों की जान पर बन आई है। मिल के गांव में शीरा युक्त संक्रमित पानी बहाने के दुष्प्रभाव से जहां अब तक तीन मौतें हो चुकी हैं, वहीं तमाम लोग संक्रमण की चपेट में हैं। गांव में अनेक लोग बुखार से जूझ रहे हैं। वहीं शीरायुक्त पानी के खेतों में भर जाने से गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। पत्तियां ओर गन्ने का पौधा पीला पड़ गया है। इससे परेशान ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। वहीं मिल प्रशासन यह मानने को तैयार नहीं है कि शीरायुक्त पानी उन्होंने छोड़ा है। मिल प्रबंधन का कहना है कि बरसात के कारण ऐसा हुआ है। इसमें मिल का कोई दोष नहीं है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जहां गांव में कैंप लगवाकर दवाएं बंटवाई हैं।
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धौरहरा तहसील की ग्राम पंचायत अल्लीपुरवा का मजरा गांव तमोलीपुरवा है। गांव में करीब दो हजार लोग रहते हैं। जबकि तमोलीपुरवा मजरे की आबादी एक हजार है। यहां के ज्यादातर लोग मजदूरी करते हैं। चीनी मिल द्वारा गांव में शीरा युक्त संक्रमित पानी बहाने से गांव में दुर्गंध और संक्रामक रोगों के फैलने से हाहाकार मच गया। ग्रामीण बुखार, उल्टी दस्त से पीड़ित होने के साथ ही कई अन्य प्रकार के संक्रमण की चपेट में आ गए। संक्रामक बीमारी के कारण एक सप्ताह के भीतर गांव निवासी आठ वर्षीय लकी, 40 वर्षीय रामरतन, 55 वर्षीय शकुंतला और 15 वर्षीय सुमन की मौत हो गई थी और गांव के दर्जनों लोग बीमार हो गए। इन मौतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित स्वास्थ्य और गन्ना विभाग की टीमें भेजकर जांच कराई। लापरवाही मिलने पर प्रदूषण बोर्ड की टीम ने मिल पर 50 हजार का जुर्माना भी ठोंका। ग्रामीणों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर पीड़ितों में दवाएं वितरित की, लेकिन संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम भी नाकाफी रहे।

अब भी गांव में रुकना है दुश्वार
हालांकि गांव में शीरायुक्त संक्रमित पानी सूखने लगा है, लेकिन इससे उठने वाली दुर्गंध ने लोगों को रहना दुश्वार कर रखा है। इसी वजह से संक्रामक बीमारियां भी फैलने लगी हैं। संक्रामक बीमारियां फैलने से ग्रामीणों का बुरा हाल है। इनकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में छिड़काव कराते हुए दवाएं भी बंटवाई, लेकिन हजारों लीटर संक्रमित पानी के आगे छिड़काव नाकाफी साबित हुआ।
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मिल प्रशासन नहीं ले रहा संज्ञान
भले ही स्वास्थ्य विभाग ने गांव में एक बार संक्रमण से बचाने के लिए गांव में छिड़काव आदि कराया हो, लेकिन मिल प्रशासन ने अब तक गांववालों की सुध नहीं ली है। इससे ग्रामीणों में मिल अधिकारियों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि मिल प्रशासन को चाहिए कि स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर गांव में निरंतर छिडकाव कराए तभी संक्रमण से निजात मिलना संभव होगा, अन्यथा संक्रमण की चपेट में आने से कई और जानें जा सकती हैं।
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