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शारदा नदी लगातार कर रही भूकटान, ग्रामीणों को दिक्कतें

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शारदा नदी लगातार कर रही भूकटान
कांवड़ियों के लिए नदी पर लगाए गए संकेतक
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर घटने से एक तरफ ग्रामीणों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर नदी ने भूकटान तेज कर दिया है। उधर, श्रीनगर गांव की तरफ पानी बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने कांवड़ियों की भीड़ के मद्देनजर नदी घाट पर फैंसिंग का कार्य कर दिया है। जबकि लालपट्टी का निशान लगाया गया है जिसके बाहर होकर कांवड़िये जल भर सकेंगे। इसको लेकर यहां पर एक कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। जो यहां आने वाले कांवड़ियों पर नजर रखेगा।
बता दें कि बीते कई दिनों से शारदा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। बीते दो दिनों से शारदा नदी घट रही है, हालांकि नदी अभी भी जल आयोग के खतरे के निशान से ऊपर चल रही है लेकिन बाढ़ का खतरा फिलहाल के लिए टला हुआ है। नदी का घटता जलस्तर ग्रामीणों को हमेशा से दिक्कतें पैदा करता है। इसका कारण है कि नदी में जलस्तर कम होने के बाद कटान तेज कर दिया है, जिससे ग्रामीणों की कृषि योग्य भूमि नदी में समाती जा रही है। इलाके के श्रीनगर, दौलतापुर, देशराज टांडा, ढखिया खुर्द, आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट, कचनारा, मटैहिया आदि जगहों पर नदी ने तेजी से भूकटान शुरू कर दिया है। यहां पर पहले से ही कई एकड़ फसलों को शारदा अपने आगोश में ले चुकी है। उधर सावन माह शुरू होने के बाद शारदा नदी में बढ़ते-घटते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग की तरफ से भी शारदा नदी पर व्यवस्थाएं की गई हैं। विभाग की तरफ से लाल निशान लगा हुआ चिह्न लगाया है जिसके बाहर ही होकर कांवड़िये जल भर सकेंगे। इसको लेकर यहां पर एक कर्मचारी तैनात किया गया है जो दिशा-निर्देश देगा।
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नयापुरवा में खेतिहर जमीनों को निगल रही शारदा
मझगईं। कस्बा के मजरा नयापुरवा में 25 जून से शुरू हुआ शारदा नदी का कटान जारी है। यहां एक ग्रामीण का घर नदी में समा चुका है। जबकि कई घर नदी के मुहाने पर खड़े हैं जिसको नदी निगलने की कगार पर है। गांव के जगतराम, बालकराम, बाबूराम, सोहनलाल, गंगाराम, शत्रोहन आदि किसानों की बेशकीमती जमीन भी नदी अपने आगोश में समाती जा रही है। घरों के साथ खेतों की जमीन शारदा नदी बराबर निगलती जा रही है इससे नयापुरवा के बाशिंदों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है की एक माह से अधिक बाढ़ की विभाषिका झेलते हो गया है मगर प्रशासन ने अभी तक सुध नहीं ली है। जिससे गांव के लोगों में आक्रोष बना हुआ है।
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