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नामांकन पत्रों की जांच में भी कर दिया खेल

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सहकारिता चुनाव

नामांकन पत्रों की जांच
में भी कर दिया खेल
पहले क्षेत्र अवधारण में गड़बड़ी, फिर महिला सीट गायब
- अब सुनियोजित ढंग से खारिज किए नामांकन पत्र
- सहायक निबंधक से लेकर निर्वाचन अधिकारी की निष्ठा पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
सहकारी समितियों में प्रबंध कमेटी के संचालक पदों पर होने वाले चुनाव की निष्पक्षता पर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे, जिसके बाद भी गड़बड़ियां जारी हैं। सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच में निर्वाचन अधिकारियों की मंशा संदिग्ध दिखी। उन्होंने सुनियोजित तरीके से नामांकन पत्रों को खारिज कर दिया। मितौली, संपूर्णानगर में उम्मीदवारों को मामूली त्रुटियां (लिपिकीय) सही करने का मौका नहीं दिया गया, बल्कि कुछ उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत दिलाने के लिए दुरभि संधि करके कई नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं।
इससे पहले 20 जनवरी को नामांकन दाखिल करने के दौरान भी गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं, जब बेहजम ब्लॉक की गौरिया समिति में नौ संचालक पदों के बजाय आठ पदों पर नामांकन कराए गए। इसमें महिला के लिए आरक्षित मिर्जापुर सीट ही गायब कर दी गई। शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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जनपद की कुल 138 समितियों में प्रबंध कमेटी गठित की जानी है, जिनमें नौ-नौ संचालक चुने जाने हैं। इसको लेकर सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। जहां दो या इससे अधिक उम्मीदवार थे, उनमें कई नामांकन पत्रों को खारिज कर दिया गया। मितौली किसान सहकारी सेवा समिति में मितौली के दो संचालक पदों पर चार उम्मीदवारों ओमप्रकाश, सुमित कुमार, सुनील कुमार और गणेश शंकर ने पर्चा भरा था, जबकि सात सीटों पर एकल नामांकन होने की वजह से उनका निर्विरोध चयन तय है। दो सीटों पर चुनाव की संभावना को खत्म करने के लिए दो उम्मीदवारों ओमप्रकाश और सुमित कुमार के नामांकन मामूली त्रुटियों के चलते खारिज कर दिए गए, क्योंकि निर्वाचन अधिकारी मुन्नालाल ने आंशिक त्रुटियों के सुधार का मौका नहीं दिया।
निर्वाचन अधिकारी मुन्नालाल ने दो नामांकन पत्रों को खारिज करने के लिए उम्मीदवार सुनील कुमार और गणेश शंकर की आपत्तियों का हवाला दिया है, जिनके आधार पर उन्होंने दोनों नामांकन पत्र अवैध करार दे दिए। इससे यहां सभी नौ संचालकों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं सहायक निबंधक मंगल सिंह नामांकन पत्रों की जांच में आपत्तियां लिए जाने की बात से इंकार करते रहे।
संपूर्णानगर। साधन सहकारी समिति सिंगाही खुर्द में नामांकन पत्रों की जांच में दो उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त कर दिए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी ने गोविंदनगर से धनपाल गुप्ता तथा कृष्णानगर से हरवंश साहनी का नामांकन निरस्त किया है। सेवा केंद्र का बकाया होने के कारण धनपाल गुप्ता का नामांकन निरस्त किया गया, जबकि नामांकन सेट में अनुमोदक के हस्ताक्षर न होने पर हरवंश साहनी का नामांकन निरस्त किया गया। इसमें हरवंश साहनी का एक सेट वैध पाया गया है।
पलियाकलां। मरूआ पश्चिम साधन सहकारी समिति में निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुमार ने नामांकन पत्रों की जांच की, जिसमें सभी नामांकन वैध पाए गए। अब मंगलवार 23 जनवरी को नाम वापसी और चुनाव चिन्ह का आवंटन होगा।
मझगईं। सहकारी समिति के संचालक पद के चुनाव के लिए भरे गए नामांकन जांच में सही पाए गए। त्रिलोकपुर न्याय पंचायत में सहकारी समिति के संचालक पद के चुनाव के लिए बबौरा, नौगवां से तीन, मझगईं से आठ, कोठिया से तीन, बेला से तीन, त्रिलोकपुर से आठ, भगवंतनगर से चार पर्चे भरे गए थे।
मैलानी। किसान सेवा सहकारी समिति मैलानी के संचालक मंडल के चुनाव में सभी नामांकन सही पाए गए। यहां संचालक के नौ पदों के लिए कुल 13 ने नामांकन किया था। निर्वाचन अधिकारी योगेश वर्मा ने बताया कि परिनिरीक्षण में सभी नामांकन पत्र वैध मिले।
बिजुआ। सहकारी समिति के चुनाव में सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच में सभी पर्चे सही पाए गए हैं। मंगलवार को नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। नामांकन कराने वाले लोग वोटरों को साधने में लगे हैं, जबकि कई समितियों में संचालकों के निर्विरोध चुने जाना तय है। निर्वाचन अधिकारी शिवाषीश श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी पर्चा गलत नहीं पाया गया है।
तिकुनिया। साधन सहकारी समिति जसनगर में संचालक मंडल के चुनाव में चार सीटों पर 29 जनवरी को चुनाव कराया जाएगा। सचिव लल्लन खान ने बताया कि खैरटिया से सिमरजीत कौर, राजवीर सिंह, सेहनखेड़ा से ब्रजलाल, खमरिया से नवी अहमद और तिकुनियां से जितेंद्र गुप्ता निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि 23 जनवरी है। इस दौरान समिति के कर्मचारी सहित सदस्य किसान मौजूद रहे।

भाजपा के दो गुटों
में हो चुका झगड़ा
सहकारिता चुनाव में धांधली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 13 जनवरी 2018 की रात को विकास भवन स्थित सहायक निबंधक कार्यालय में सदस्यों (संचालक) के निर्वाचन क्षेत्रों के अवधारण की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम कुमार पांडेय और उनके समर्थक भी मौजूद थे। इसकी जानकारी मिलने पर रात करीब 8.45 बजे सदर विधायक योगेश वर्मा अपने समर्थकों संग सहायक निबंधक कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। तब एक विधायक ने संचालक के क्षेत्र अवािरण (परिसीमन) में गड़बड़ी किए जाने का आरोप सहायक निबंधक समेत कुछ लोगों पर लगाया था।
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मंगलवार को नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी कि कितने पदों पर चुनाव कराए जाएंगे। मामूली लिपिकीय त्रुटियों में सुधार का मौका उम्मीदवार को दिए जाने के निर्देश दिए गए थे।
- मंगल सिंह, सहायक निबंधक
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