लखीमपुर खीरी। निघासन तहसील की ग्राम पंचायत भेड़ौरी के मजरा गांव महाराज नगर में 38 एकड़ तालाब को पाटकर खेती करने की खबर जब अमर उजाला में छपी तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम निघासन को जांच सौंपी है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट दो दिन में देने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत भेड़ौरी के मजरा महाराज नगर में करीब 38 एकड़ चार बीघा का तालाब है। भूमाफिया ने ग्राम प्रधानों और राजस्व कर्मचारियों से मिलकर इस तालाब को पाटकर उसका वजूद ही समाप्त कर दिया है। करीब डेढ़ किलोमीटर में फैले इस विशालकाय तालाब की जमीन पर भूमाफिया करीब डेढ़ दशक से धान-गन्ने की फसल बो रहे हैं, जबकि शीर्ष अदालत ने तालाबों, पोखरों से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दे रखे हैं। सरकार भी तालाबों, जलाशयों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त है, फिर भी तहसील निघासन के राजस्व अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं दिखे।
अमर उजाला ने 11 दिसंबर 2017 के अंक में ‘तालाब पाटकर खेती कर रहे भूमाफिया’ शीर्षक से खबर प्रमुखता के साथ छापी थी। खबर को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अवैध कब्जे की जांच एसडीएम निघासन अखिलेश यादव को सौंपी है। साथ ही उनसे पूरे मामले में दो दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है।
राजस्वकर्मियों में मचा हड़कंप
महाराज नगर स्थित विशालकाय तालाब पर अवैध कब्जे की खबर प्रकाशित होने के बाद लेखपाल सहित अन्य राजस्वकर्मियों में हड़कंप है। तालाब की जमीन पर फसल बो रहे भूमाफिया में भी अफरातफरी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक भूमाफिया राजस्वकर्मियों और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों के पास चक्कर काटने लगे हैं।
एसडीएम को कब्जे की नहीं है जानकारी
तहसील निघासन के एसडीएम अखिलेश यादव से जब महाराज नगर स्थित तालाब पर हुए कब्जे के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने पहले तो साफतौर पर मामले की जानकारी होने से इंकार किया, लेकिन बाद में कहा कि मामले की जांच करेंगे। यदि तालाब पाटकर खेती करने की बात जांच में सामने आती है तो कब्जेधारों के खिलाफ विधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।