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11 के खिलाफ हत्या और बलवे का मुकदमा

Fri, 22 Jan 2016 09:48 PM IST
पलियाकलां।
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बृहस्पतिवार को ग्राम इब्राहिमपुरी में हुए खूनी संघर्ष में ग्रामीण की मौत मामले में पुलिस ने मृतक पक्ष की तहरीर पर करीब 11 लोगों के खिलाफ हत्या और बलवा, मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। नामजदों में ज्यादातर के अस्पताल में होने की वजह से इसमें अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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पुलिस ने मृतक विजई की पुत्री वंदना सिंह की तहरीर पर दूसरे पक्ष के राधाकृष्ण, रामयादी, राधेश्याम, बबलू, बिट्टू, जगन्नाथ, मनोज, अनिरुद्ध, अभिषेक, अंगद और घर की महिलाओं समेत करीब 11 लोगों के खिलाफ हत्या, जान से मारने के प्रयास, बलवा, मारपीट आदि कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पलिया एसओ केपी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हो गया है। उन्होंने किसी की गिरफ्तारी होने से इंकार किया है। बताया कि विपक्षी पक्ष के ज्यादातर नामजद आरोपी अभी अस्पताल में हैं, इसलिए कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। जल्द ही मामले में गिरफ्तारी की जाएगी।

राज्यसभा सांसद ने की थी डीजीपी से वार्ता
राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने हत्याकांड को लेकर प्रदेश के डीजीपी समेत कई अधिकारियों से वार्ता की थी। सपा विधानसभाध्यक्ष एम फुरकान अंसारी के मुताबिक उन्होंने डीजीपी और अन्य अधिकारियों को संपूर्णानगर पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।  
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गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
पलियाकलां। भूमि के विवाद में मारे गए विजई का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में हुआ। शव देखकर पुत्री वंदना का रो-रोकर बुरा हाल था। उनके जख्मी पुत्र और रिश्तेदार भी शोक में डूबे थे। मिलनसार माने जाने वाले विजई के दरवाजे पर भारी भीड़ थी। पहले एसडीएम आलोक वर्मा पहुंचे और फिर सपा नेता एम फुरकान अंसारी, जफर अहमद टीटू, एडवोकेट जावेद अख्तर, श्रीकृष्ण भास्कर, देवेंद्र सिंह समेत अन्य राजनेता भी पहुंचे। सपा नेता अंसारी ने आरोपियों को सजा दिलवाने की बात कही। एसडीएम ने भी परिवार को न्याय का आश्वासन दिया।

मामले में उदासीन रहे एसओ संपूर्णानगर निलंबित
पलियाकलां। इब्राहिमपुरी कांड में लापरवाही और उदासीनता के साथ रकम मांगने के आरोपी एसओ को एसपी ने निलंबित कर दिया है। उनके निलंबन पर लोगों की प्रक्रिया है कि यह सही निर्णय है और यह कार्य पहले ही हो जाना चाहिए था।
गौरतलब है कि विजई पक्ष का आरोप था कि विपक्षी लोग जबरन उसकी जमीन हथियाना चाहते हैं और समय-समय पर झगड़े पर आमादा रहते हैं। बृहस्पतिवार को जब झगड़ा हुआ तब सूचना के बाद भी पुलिस का कोई जवान एसओ ने मौके पर नहीं भेजा। आरोप है कि पुलिस आ जाती तो शायद खूनी संघर्ष नहीं होता और विजई की जान बच जाती। इसके साथ ही मृतक की पुत्री वंदना ने एसओ और सिपाहियों पर मोटी रकम मांगने का भी आरोप लगाया था। उनका यह भी आरोप है कि एसओ की शह पर ही उनके पिता की हत्या की गई है। एसपी अखिलेश चौरसिया भी मौके पर पहुंचे थे और फिर उन्होंने अपने स्तर से पड़ताल की थी। जिसमें उन्होंने आरोपों में दम पाए जाने पर शुक्रवार को संपूर्णानगर एसओ सुनील कुमार को निलंबित कर दिया। स्थानीय लोगों और सपा नेताओं का कहना है कि एसपी का यह निर्णय सही है और इसे पहले ही हो जाना चाहिए था तो मृतक की जान बच सकती थी। इब्राहिमपुरी गांव शुक्रवार को भी छावनी बना रहा। यहां कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल भी तैनात है। पलिया एसओ केपी सिंह ने बताया कि फोर्स की तैनाती एहतियातन की गई है।
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