जंगल के कई इलाकों में अभी तक भरा है पानी
जलभराव से प्रभावित हो रहा पार्क का ईको सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। शारदा, सुहेली नदियों समेत दुधवा के बीच से होकर बहने वाले नालों में आई बाढ़ का पानी दुधवा नेशनल पार्क जंगल के कुछ क्षेत्रों में अभी तक भरा हुआ है। नदियों का जलस्तर घटने के बाद अधिकांश पानी तो नदियों में खिंच गया, लेकिन निचले इलाकों में पानी भरा होने से बाढ़ प्रभावित जंगल से जानवरों ने अपना ठिकाना बदल लिया था। अभी तक इन वन्यजीवों की वापसी मूलस्थान पर नहीं हो सकी है। जलभराव से जंगल में घास के मैदानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
दुधवा नेशनल पार्क के पास से बहने वाली शारदा और बीच से बहने वाली सुहेली नदी के अलावा जौरहा नाला, न्योरा नाला में हर साल आने वाली बाढ़ से दुधवा नेशनल पार्क का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है। इस बार दुधवा नेशनल पार्क में पिछले वर्षों की अपेक्षा बाढ़ का प्रभाव काफी कम रहा है। जंगल के निचले इलाकों में अभी तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
दुधवा नेशनल पार्क का सठियाना, गौरीफंटा, वनकटी, उत्तर सोनारीपुर, दक्षिण सोनारीपुर और बेलरायां का वनक्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होता है। पिछले वर्षों में बाढ़ के दौरान यहां महीनों तक जलभराव रहने से दुधवा की आबोहवा में ही बदलाव आने लगा था। दुधवा पार्क का वानस्पतिक ढांचा ही बदलने लगा था। सठियाना में साल सागौन की जगह जामुन, गुटैल जैसे पेड़ों की बढ़ोतरी हो रही थी। इस बार प्राकृतिक रूप से बाढ़ में कमी आई है। जिससे पार्क प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
पिछले वर्षों में शारदा नदी की बाढ़, कटान से किशनपुर सेंक्चुरी की वनसंपदा को काफी नुकसान पहुंचा था। शारदा का पानी झादी ताल में मिल जाने से यहां की परिस्थिति प्रभावित हुई थी। इस बार शारदा अपना रास्ता बदलकर किशनपुर सेंक्चुरी से करीब 500 मीटर दूर हट गई है। इससे किशनपुर सेंक्चुरी बाढ़ से सुरक्षित हो गई है। कटान भी इधर नहीं हुआ है।
दुधवा नेशनल पार्क के जिन इलाकों में बाढ़ का प्रभाव रहा वहां से वन्यजीवों ने पलायन कर दूसरे सुरक्षित स्थानों पर शरण ली थी। इस साल वन्यजीवों ने दुधवा से निकलकर किशनपुर सेंक्चुरी को अपना ठिकाना बनाया है। बाढ़ गुजरने के बाद भी अभी तक यह वन्यजीव अपने पुराने ठिकाने पर नहीं लौटे हैं। इससे इन दिनों किशनपुर सेंक्चुरी जहां वन्यजीवों से गुलजार है, वहीं दुधवा के बाढ़ प्रभावित जंगल सूने नजर आ रहे हैं।
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इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा दुधवा नेशनल पार्क में बाढ़ का प्रभाव कम रहा है। दुधवा पार्क क्षेत्र के सठियाना, गौरीफंटा, वनकटी, सोनारीपुर जैसे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी आया था जो करीब करीब निकल गया है। घास के मैदानों को आंशिक नुकसान हुआ है।
- महावीर कौजलगि, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क