एससीएसटी एक्ट में महिला डॉक्टर समेत चार पर रिपोर्ट दर्ज
पूर्व प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने की कार्रवाई
शिव हॉस्पिटल में हुई मारपीट का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। निजी अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद भी परिजनों पर ही रिपोर्ट दर्ज करने वाली पुलिस आखिर पांचवें दिन बैक फुट पर आ गई और दो डॉक्टर समेत तीन को नामजद करते हुए एक अन्य पर एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें इंसाफ तब मिलेगा, जब सभी आरोपी डॉक्टर व कर्मचारी जेल चले जाएंगे। शहर कोतवाली के गांव भगौतीपुर निवासी पूर्व प्रधान रामदयाल के ममेरे भाई राजेश की पत्नी ने लालपुर बैरियर स्थित शिव हॉस्पिटल में दो सितंबर को बच्चे को जन्म दिया था, जिसकी रात में मौत हो गई थी। तब तीमारदारों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने मिलकर उनकी पीड़ित परिजनों को न सिर्फ पीटा, बल्कि खुद ही अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए दलित रामदयाल, भांजे राजेश, शहीदराम और सुशील को फंसा दिया था, जिसमें पूर्व प्रधान को जमानत करानी पड़ी थी। एक तो बच्चे की मौत और ऊपर से महिला डॉक्टर दिव्या तिवारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज हो जाने से आहत पीड़ित ने एसपी तक न्याय की गुहार लगाई थी। पांचवें दिन शुक्रवार की रात एसपी के हस्तक्षेप के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने डॉ. दिव्या तिवारी, डॉ. राजेश यादव, अमित पांडेय और एक अन्य के खिलाफ मारपीट, एससीएटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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पूर्व प्रधान का यह है आरोप
पूर्व प्रधान रामदयाल का आरोप है कि प्रसव पीड़िता को भर्ती कराने के बाद अस्पताल कर्मियों ने ऑपरेशन की बात कह 20 हजार रुपये मांगे थे। इस पर उन्होंने 18 हजार रुपये जमा कर दिए। डॉक्टर ने खून की कमी बताकर ऑपरेशन नहीं किया। पहली सितंबर की रात नार्मल डिलीवरी हो गई। इसके बाद भी डॉक्टर उनसे बकाया दो हजार रुपये मांग रहे थे। इसी पर उसे डॉक्टरों ने मारापीटा। 28 हजार रुपये छीन लिए।
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सत्तापक्ष के एक नेता ने दिया साथ
चर्चा है कि सत्तापक्ष के एक दलित नेता के हस्तक्षेप के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं भाजपा के एक खेमे में इस बार की भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि एससीएसटी एक्ट का कुछ अपने ही दुरुपयोग करने पर तुल गए हैं।
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वर्जन.....
अस्पताल में तोड़फोड़ के मामले में पूर्व में ही डॉक्टर की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जबकि प्रधान पक्ष की तहरीर मामले की जांच की जा रही थी। जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
अशोक कुमार पांडेय, कोतवाल-सदर