लखीमपुर खीरी/बांकेगंज।
गांव हरदुआ फार्म और सोहनरा भूड़ में एक बार फिर बाघ आ धमका है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। रेंजर ने बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि की है।
मैलानी रेंज की जटपुरा और भरिगवां बीट में छह दिन पहले 19 नवंबर को बाघ ने सोहनरा भूड़ निवासी जितेंद्र और लोनपुरवा गांव निवासी द्वारिका प्रसाद के अलावा एक बैल पर हमलाकर गंभीर घायल कर दिया था। अभी लोग इस घटना से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि हरदुआ फार्म और सोहनरा भूड़ गांव में जंगल से सटे गन्ने के खेतों में बाघ ने फिर डेरा जमा लिया है। बाघ की दहाड़ ग्रामीणों को रात भर रुकरुक कर सुनाई देती रही।
गुरुवार रात खेतों में डेरा जमाए बैठा बाघ चहलकदमी करता हुआ आबादी के निकट जटपुरा के पूर्व प्रधान श्यामलाल के घर के करीब पहुंच गया।
प्रधान के घर के बाहर बाड़े के खूंटे में बंधे पशुओं के रंभाने और कुत्तों के तेज भौंकने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को बाघ आने का आभास हुआ। इससे घबराए ग्रामीणों ने शोर मचाया। जटपुरा के वर्तमान प्रधान कुलवंत सिंह उर्फ कक्की, पहाड़नगर के पूर्व प्रधान जयचंद्र, कमलेश कुमार, धर्मेंद्र, जितेंद्र, सुदामा आदि ने बताया कि बाघ की दहशत से वह खेतों में नहीं जा पा रहे हैं।
उधर, रेंजर मैलानी डीएस यादव ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मियों ने बाघ के पद चिन्ह देखने के बाद बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है।