पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। इलाके में शारदा नदी का कहर जारी है। रोजाना देर रात होने वाली बारिश से शारदा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। उधर प्रशासन से कोई सहायता न मिलने से बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें भी बढ़ती जा रही है। कई बाढ़ पीड़ित पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
भीरा क्षेत्र के दौलतापुर, कचनारा, इमलिया फार्म, बोझवा, मटैहिया, श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर आदि गांवों में इस समय स्थिति काफी भयावह है। रोज देर रात होने वाली बरसात से शारदा का जलस्तर बढ़ते ही इन गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। दौलतापुर जाने वाले रास्ते पर जहां पानी बह रहा है। वहीं इमलिया व नानक फार्म के रास्ते बंद हो गए हैं। यहां ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। दूसरी तरफ श्रीनगर के सुग्रीव कुमार, अमरीक, श्याम सुंदर आदि के मकानों के साथ ही प्राथमिक विद्यालय की तरफ शारदा ने रुख कर लिया है। जिससे यहां पर तेजी से कटान करती हुई शारदा नदी घरों की ओर बढ़ रही है। मझगईं प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में हो रही कई दिनों से बरसात से शारदा उफना गई है। जिससे बाढ़ का पानी नयापुरवा, खालेपुरवा, लियाकत पुरवा गांव में भर गया। वहीं बल्लीपुर, चौरीं, विशुनूपुर आदि गांव के आसपास खेतों में बाढ़ का पानी भरा है। नयापुरवा व लियाकत पुरवा के हालात सबसे खराब हैं। यहां ऐसा कोई घर नहीं बचा है जहां पानी न भरा हो। पूरा का पूरा गांव टापू बन गया हैं। आने जाने के सारे रास्ते बंद हो जाने से गांव वालों की और मुसीबतें बढ़ गईं हैं। बाढ़ पीड़ित भूखे प्यासे रहने को मजबूर हैं लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।
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