राज्य पोषण मिशन के तहत सीडीओ के गोद लिए गांव सुआबोझ में भी अतिकुपोषित बच्चों का कोई पुरसाहाल नहीं है। इनकी सेहत का ध्यान रखने की जिम्मेदारी जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविका पर है, वह बच्चों का ध्यान रखना तो दूर रजिस्टर तक मेंटेन नहीं कर पा रहीं हैं। सीडीओ नीतीश कुमार ने बीती शाम अचानक वहां पहुंच कर अतिकुपोषित बच्चों का हाल लिया तो उन्हें खामियां ही खामियां नजर आईं।
सीडीओ ने गोद ली हुई ब्लाक की ग्राम पंचायत सुआबोझ के निरीक्षण में पाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर अतिकुपोषित बच्चों का रजिस्टर ही मेंटेन नहीं है। 25 बच्चों का उन्होंने अपने सामने वजन कराया तो 10 बच्चों का वजन मानकों से बहुत कम मिला। पता चला कि इन बच्चों का न तो नियमित वजन कराया जा रहा और न ही कुपोषण से बचाने के कोई प्रयास किए जा रहे हैं। सीडीओ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई।
सीडीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, मुख्य सेविका, सीडीपीओ और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि कुपोषण की समस्या से जूझ रहे इन बच्चों की सेहत का ख्याल, पुष्टाहार, वजन और इनकी नियमित देखभाल की जाए। उन्होंने कहा कि अतिकुपोषित बच्चों की सेहत में एक महीने के अंदर अगर सुधार नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों पर होगी। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर बीडीओ भूषण कुमार, बिजुआ सीएचसी अधीक्षक डॉ. रोहित पाठक, सीडीपीओ मोहिनी सिंह, मुख्य सेविका सरोज देवी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी लालाराम सहित ग्रामीण और बच्चे मौजूद रहे।