एक पायलट युवक एयर हॉस्टेस के झांसे में फंसकर 28 लाख रुपये गंवा बैठा। एयर हॉस्टेस ने मंगनी के बाद पायलट के परिवार से जर्मनी में ट्रेनिंग पर जाने के लिए 28 लाख रुपये लिए और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब विवाह से इंकार कर दिया। पायलट युवक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने एयर हॉस्टेस और उसके माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है।
बुलंदशहर के डॉक्टर देवेंद्र कुमार शर्मा का बेटा अनुपम शर्मा इंडोनेशिया में पायलट है। डॉ. देवेंद्र ने बताया कि छह माह पहले उन्होंने अनुपम का विवाह मेरठ के जागृति विहार निवासी एसके शर्मा की बेटी से तय किया था। विवाह 24 नवंबर को होना था। लड़की एयर हॉस्टेस है। आरोप है कि मंगनी होने के बाद एयर हॉस्टेस ने अनुपम को बताया कि वह भी पायलट बनना चाहती है और ट्रेनिंग के लिए उसे जर्मनी जाना है। उसने ट्रेनिंग के लिए रुपये न होने की बात कही।
रुपये देने से इंकार
अनुपम ने परिजनों से बात कर चार माह के ट्रेनिंग पर भेजने के लिए रुपये दिला दिए। एक बार ट्रेनिंग में फेल होने के बाद दोबारा जर्मनी भेजने के लिए भी रुपये दिए गए। सितंबर में वह ट्रेनिंग पूरी कर भारत आ गई, लेकिन उसने लौटने की सूचना अनुपम या उसके परिजनों को नहीं दी। संपर्क करने पर सात अक्टूबर को दोनों पक्षों की मीटिंग नगर की आवास विकास कालोनी में हुई। एयर हॉस्टेस युवती के परिजनों ने विवाह करने से इंकार कर दिया। आरोप है कि लड़की पक्ष ने रुपये देने से भी इंकार कर दिया। डॉ. देवेंद्र ने कोतवाली में एयर हॉस्टेस युवती, उसके पिता और मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कब-कब दिए रुपये
डॉ. देवेंद्र ने बताया कि पहली बार जर्मनी भेजने के लिए चार माह पहले सार्थक ट्रैवल्स के मार्फत युवती को 17.51 लाख रुपये दिला दिए। इसके अलावा खर्च के लिए डेढ़ लाख रुपये नकद और 1.36 लाख रुपये उसके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करा दिए। वह ट्रेनिंग के लिए जर्मनी रवाना हुई, लेकिन वह फेल हो गई। दोबारा जर्मनी ट्रेनिंग पर जाना था, इसके लिए भी चार लाख रुपये उसे दिए गए। इसके अलावा साढ़े तीन लाख रुपये के लगभग अनुपम के परिवार ने मंगनी में खर्च किए थे।