कुशीनगर। तमकुहीराज क्षेत्र के जंगलीपट्टी गांव में गंडक नदी के किनारे 28, 29 और 30 अक्तूबर को मॉडल राॅकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता-2025 का आयोजन किया जाएगा। इसमें 600 प्रतिभागियों और 200 मेहमानों की उपस्थिति होगी। जंगलीपट्टी स्थित प्रक्षेपण केंद्र से 50-80 रॉकेट लांचिंग की प्रक्रिया संपन्न होगी। इसकी गवाह कुशीनगर और देवरिया की युवा पीढ़ी भी होगी।
रॉकेट लांचिंग की प्रक्रिया देश के विभिन्न राज्यों के विश्विद्यालयों, महाविद्यालयों और रिसर्च यूनिवर्सिटी से आए हुए युवाओं की टीम द्वारा पूर्ण की जाएगी। हाल ही में इसरो के सदस्यों ने जंगलीपट्टी में प्रस्तावित भूमि पर रॉकेट लांचिंग पैड को लेकर निरीक्षण भी किया है। देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने बताया कि अक्तूबर में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके पूर्व कुशीनगर-देवरिया से आर्ट इन स्पेस प्रतियोगिता के तहत 25 स्थानीय बच्चों का चयन किया जाएगा, जो अक्तूबर में होने वाली प्रतियोगिता में तीन दिन अंतरिक्ष की कार्यप्रणाली देखेंगे और उन्हें वहां सम्मानित भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से वापस लौटने के बाद शुभांशु शुक्ला पीएम से मिले। जब वह सोमवार को अपने गृह नगर लखनऊ पहुंचे तो उनका स्वागत करने के लिए तमाम बड़ीं राजनीतिक हस्तियां आगे रहीं। शुभांशु भारतीय वायुसेना में अनुभवी पायलट हैं और हाल ही में एक्सिओम-4 मिशन में शामिल होकर अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने हैं। यूपी के अंतिम छोर पर स्थित कुशीनगर और देवरिया के इलाके में युवाओं व लोगों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को जानने का यह प्रयास सराहनीय है। शुभांशु शुक्ला और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे बनने के लिए भी सांसद के प्रयास से प्रेरणा मिलेगी।