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Kushinagar News: कर्ज के जंजाल फंसे युवा रच रहे फर्जी कहानी, खाकी को होती परेशानी

Wed, 08 Jan 2025 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। कम वक्त में पैसे कमाने की चाहत और अमीर बनने के लिए शॉर्टकट रास्ता चुनने से युवा गलत रास्ते पर निकल पड़ रहे हैं। ऑनलाइन गेम, ट्रेडिंग और ऐसे ही छोटे-छोटे कई प्लेटफॉर्म पर दूसरों के पैसों से खुद की आमदनी कमाने की चाहत उन्हें बर्बादी की ओर ले जा रही है। एक गलत ट्रेडिंग या गेमिंग में निवेश उन्हें कर्जदार बना रहा है, जिसे चुकाने के लिए वह पहले एक झूठ और फिर उसे छिपाने के लिए दूसरा और फिर तीसरा झूठ बोलकर अपने ही जाल में फंसते जा रहे हैं। माइक्रो फाइनेंस व कोरियर सेवाओं में काम करने वाले युवा इससे बचने के लिए आखिरी हथियार के तौर पर अपहरण, लूट और छिनैती जैसी कहानी बनाकर बचने की नाकाम कोशिश में लग जा रहे हैं। युवाओं के इस राह पर चल पड़ने से फर्जी अपहरण और लूट के मामले तो बढ़े ही हैं, वहीं खाकी भी उनके झांसे में आकर परेशान हो रही है।
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ट्रेडिंग-गेमिंग जैसे ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म पर रुपये दोगुने करने की होड़ सी लग गई है। ज्यादा फायदा कमाने के लालच में युवा अपने साथ दूसरों के पैसे भी लगाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को कई बार बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभिन्न शॉपिंग व निजी कंपनियों के टारगेट के बोझ तले युवकों को जब तय तिथियों पर रुपये जमा करने का डेडलाइन दी जा रही है और उस समय उनके पास रुपये नहीं हैं तो वह बड़ी रिकवरी के मामलों में लूट जैसी साजिश रच रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस परेशान होकर जांच शुरू करती है और जांच के बाद जब मामले से खुलासा होता है तो इनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
पिछले दिनों नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र का एक युवक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफाॅर्म के फ्रेंचाइजी संचालक के रूप में काम कर रहा था। उसने कंपनी के रुपये जमा करने के दिए डेडलाइन पर रुपये न होने पर लूट की झूठी साजिश रची थी। इसके अलावा जिले में पहले भी ऑनलाइन गेमिंग में हारने, फाइनेंस कंपनी से रुपये लेकर निजी खर्च करने के बाद लूट की झूठी साजिश रची जा चुकी है। एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि लूट या किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की उसकी अपने स्तर से जांच जरूर करती है और कार्रवाई में जल्दबाजी से बचती है। ऐसे कई मामले जिले में एक साल के अंदर आ चुके हैं। इसको लेकर अभिभावक भी कार्रवाई के जिए जिद करने लगते हैं। उनको भी धैर्य रखना चाहिए। कंपनी के फ्रेंचाइची संचालक के साथ भी कुछ ऐसा हुआ था। घंटों पुलिस को परेशान होना पड़ा। बाद में लूट का आरोप झूठा निकला।
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लूट को हल्के में लेकर रचते कहानी, उलझ जाती है पुलिस
-मीशो कंपनी के फ्रेंचाइजी संचालक की झूठ की कहानी में पुलिस सहित एसओजी और जिले की अन्य पुलिस टीम 12 घंटे उलझी रही। यह कोई पहली बार नहीं है जब फर्जी कहानी में पुलिस परेशान हुई हो। इससे पहले भी ऐसे लोग जेल जा चुके हैं। दरअसल, लूट की कहानी रचने वाले युवकों को लूट शब्द का वास्तविक अर्थ नहीं पता होता और वह साजिश रच लेते हैं, जब मारपीट कर छिनैती की बात पुलिस तक पहुंचती है तो जांच का दायरा भी बड़ा हो जाता है।लगातार कम उम्र के इन युवकों के अज्ञानता के कारण रचे गए साजिश के कारण पुलिस को समय समय पर परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
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कभी शेयर मार्केट में डूबे रुपये तो कभी गेमिंग में हारे, रच डाली कहानी
कम उम्र के युवक जल्द रुपये की मदद से लग्जरी लाइफ के सपने देख लेते हैं। इसके लिए शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर, ड्रीम-11 और अन्य एप पर रुपये को दोगुना करने का प्रयास करते हैं। जब लोगों या घर से लिए गए रुपये वापस मांगी जाती है तब यह हारने के कारण पैसे वापस करने में अक्षम होते हैं और फर्जी लूट और अपहरण जैसी कहानी रचते हैं। पिछले वर्ष युवाओं के शेयर मार्केट में 10-12 लाख रुपये डूब गए थे। वे क्षेत्रीय लोगों से शेयर मार्केट में रकम लगाने के लिए रुपये लेते थे। रकम लगाने वाले फायदा नहीं पूंजी वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे। इसी लिए तीन दोस्तों ने अपहरण की झूठी कहानी रची थी।

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युवाओं में जल्द अमीरी की चाहत...छोटी रिकवरी के लिए अपरहण तो बड़ी रिकवरी के लिए लूट की रचते साजिश
-फाजिलनगर एसबीएम पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर डॉ. राकेश शाही ने बताया कि युवाओं में जल्द अमीर बनने के सपने कम उम्र में ही पलने बढ़ने लगते हैं। जल्द लग्जरी लाइफ के लिए वह शाॅर्टकट के सहारे ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग आदि प्लेटफाॅर्म पर रुपये कर्ज लेकर लगाते हैं। एक दो बार जीतने पर उन्हें मनोबल बढ़ता है और वह रुपये लगाते रहते हैं। बाद में हारने पर कोई बैकअप न होने के कारण वह अपहरण और लूट जैसी साजिश रचते हैं। ऐसे ही विभिन्न कंपनियों में टारगेट पर काम करने वाले युवकों को तय तिथि पर रुपये देने का दबाव होता है। जब उनके पास रुपये नहीं होते हैं तो वह बड़ी रकम की भरपाई के लिए लूट जैसी साजिश को अंजाम देते हैं।


कुछ फर्जी कहानी पर नजर


केस नंबर एक

-03 अप्रैल 2024 को पुलिस ने फर्जी अपहरण की कहानी से पर्दा हटाया था। इसमें पडरौना शहर के मटियरवा निवासी किशन सिहं उर्फ हिमांशु, सेवरही के विकास चौबे और राजा जायसवाल शेयर मार्केट ट्रेडिंग का काम करते थे। उन्होंने क्षेत्र के कई लोगों के रुपये इसमें लगाए थे। शेयर मार्केट में रुपये डूबने के बाद लोग रुपये के लिए तीनों पर दबाव बनाने लगे। लोगों से लिए रुपये वापस न करना पड़े, इसके लिए तीनों ने मिलकर किशन सिंह उर्फ हिमांशु की सहमति से अपहरण की कहानी बनाकर शिक्षक चाचा से फिरौती मांगने की साजिश रची थी।



केस नंबर दो
-06 मई 2024 को ऑनलाइन गेम में रकम हारने के बाद माइक्रो फाइनेंशियल बैंक के एजेंट पडरौना कोतवाली के आधार छपरा मिश्रौली गांव निवासी दिलीप जायसवाल ने 64 हजार रुपये लूट की झूठी कहानी रची थी। उसने दुदही क्षेत्र की महिलाओं से अलग-अलग इलाकों से रकम हड़पी। पुलिस की जांच में सच्चाई जानने के बाद फाइनेंशियल बैंक के अफसर भी दंग रह गए थे।



केस नंबर तीन

-06 अक्तूबर 2023 को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के किरत पट्टी के रहने वाले छात्र ने अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी रची थी। युवक चाइनीज झींगा एप से रुपये दोगुना करने के लालच में 40 हजार रुपये हार गया था और परिजनों से बचने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रच डाली और अपहरण की झूठी कहानी गढ़ कर घरवालों से फिरौती के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। इसमें परिजन परेशान होकर पुलिस के पास गए। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था।
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