मरचहवा बसंतपुर के बीच नाले में वैकल्पिक पुलिया बनाते युवा
खड्डा। गंडक नदी पार बाढ़ प्रभावित मरचहा और बसंतपुर गांव को जोड़ने वाली सड़क पिछले चार वर्षों से बदहाल है। बरसात के दौरान नाले में पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गांव के युवाओं ने अपने खर्च से अनुपयोगी बिजली के खंभों को जोड़कर वैकल्पिक पुल तैयार किया है। इससे अब पैदल और बाइक से आवागमन संभव हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले बिजली के खंभों को केवल बांधकर रखा गया था। मजबूती नहीं होने से पुल हिलता था। बाइक और साइकिल निकालना भी जोखिम भरा था। गांव के राजेश, विनोद समेत अन्य युवाओं ने आपस में सहयोग कर वेल्डिंग मशीन से खंभों को स्थायी रूप से जोड़ दिया। पुल पहले से अधिक सुरक्षित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मर्चहवा, बसंतपुर के तीन टोलों सहित आसपास के लोगों के लिए यह मार्ग बाढ़ के समय जीवनरेखा है। नाले पर पक्की पुलिया का निर्माण तो हो चुका है लेकिन एप्रोच मार्ग नहीं बनने से उसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश और बाढ़ के दौरान मिट्टी भराई संभव नहीं होने से लोगों को अस्थायी व्यवस्था के सहारे ही आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग के निर्माण एवं आवश्यक पुलिया कार्य को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन बाढ़ और बरसात के कारण फिलहाल निर्माण कार्य शुरू होना संभव नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की यह पहल ही लोगों के लिए राहत का सहारा बनी हुई है।