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करंट से युवक की मौत, लोगों ने सड़क किया जाम

Sun, 01 Apr 2018 11:30 PM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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पहुंची पुलिस। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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कुबेरस्थान।  थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के कचनार टोला निवासी युवक की करंट से मौत के बाद नाराज लोगों ने रविवार की शाम को पडरौना-दुदही मार्ग जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर कुबेरस्थान थाने के एसओ ने पहुंचकर उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। कुछ देर बाद सीओ सदर, कोतवाल और तहसीलदार सदर ने धरनास्थल पर पहुंचकर तार-पोल ठीक कराने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सड़क जाम और धरना समाप्त हुआ।
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लक्ष्मीपुर गांव के कचनार टोला निवासी सुरेंद्र बहादुर का 25 वर्षीय पुत्र शनि तीन वर्षों से फैजाबाद में रहकर बीए की पढ़ाई कर रहा था। बीए अंतिम वर्ष का यह छात्र छुट्टी में घर आया था। शनिवार को अपनी मां सिंगारी देवी को थाना क्षेत्र के ही सेमरा निवासी अपने मामा नंदलाल के घर पहुंचाकर रात में बाइक से वापस आ रहा था। देर रात एचटी लाइन की चपेट में आकर झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिजली बंद कराया। उसके बाद शव को वहां से हटाया गया।

युवक की मौत से नाराज उसके परिवार और गांव के लोग पोस्टमार्टम होने के बाद रविवार की शाम करीब चार बजे शव लेकर लक्ष्मीपुर चौराहे पर पहुंचे और पडरौना-दुदही मार्ग पर शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ये लोग लोग पीड़ित परिवार को मुुआवजा दिलाने तथा तार-पोल को ठीक कराने की मांग कर रहे थे। धरनास्थल पर पहुंचे एसओ कुबेरस्थान ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। कुछ देर बाद वहां सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर गिरीश कुमार झा और कोतवाल पडरौना विजय राज सिंह भी पहुंच गए। इन लोगों ने तार-पोल ठीक कराने तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम व धरना समाप्त कराया। इस दौरान एसओ तुर्कपट्टी दुर्गेश सिंह और एसओ विशुनपुरा कृष्ण कुमार के अलावा काफी संख्या में पुलिस के जवान मौजूद थे।
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 परिवार का बड़ा बेटा होने के नाते शनि से परिजनों को काफी उम्मीद थी। शनि तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटा भाई दीपक (18) व सबसे छोटा भाई रवि (16) वर्ष का है। परिवार में उसकी मां सिंगारी देवी गृहिणी हैं, जबकि पिता सुरेंद्र बहादुर पंचायत मित्र। शनि बचपन से ही पढ़ने-लिखने में काफी होनहार था। माता-पिता ने उसे पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाने का सपना देखा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बाद भी अपने करीबी रिश्तेदारों से रुपये का इंतजाम कर उसका नामांकन फैजाबाद के डिग्री कॉलेज में करा दिया, जहां वह तीन साल से रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके परिजनों को यह उम्मीद थी कि वह पढ़ लिखकर कामयाबी हासिल करेगा। जिससे परिवार की माली हालात में बदलाव आएगा, लेकिन शायद प्रकृति को यह मंजूर नहीं था और बीती रात हाईटेंशन तार की चपेट में आने से शनि की मृत्यु हो गई। 
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