ज्वेलरी की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
पडरौना। चांदी के दाम आसमान पर हैं। गिरावट के बाद भी शनिवार को जिले में 3.40 लाख रुपये प्रति किलो भाव रहा। सहालग के सीजन के बीच चांदी के भाव ने खरीदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे सबसे अधिक महिलाएं परेशान हैं। शहर के बड़े सराफा कारोबारियों के यहां कुछ महिलाएं खरीदारी करती दिखीं।
छोटे दुनदारों के यहां नाममात्र ही खरीदारी हुई। चांदी के आभूषण लेने पहुंचीं महिलाओं का कहना है कि ऐसे ही चांदी के दाम चढ़ते रहे तो पारंपरिक चांदी के आभूषण पहनना लोग छोड़ देंगे। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, बढ़ती कीमत के चलते ग्राहक ज्वेलरी खरीदने से अब कतरा रहे हैं। पूर्व में जहां शादी-विवाह व मांगलिक अवसरों के दौरान दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ व बिक्री होती थी।
वहीं, अब कम वजन व कीमत के गहनों व पुराने आभूषणों की मरम्मत करा कर काम चला रहे हैं। बाजार के राहुल, महेंद्र, झगरु आदि सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि पूंजी कम होने के चलते स्टॉक रखना जोखिम भरा है।
कीमत में वृद्धि होने से लाभ का स्तर घट रहा है। महेंद्र कुशवाहा, रामजीत मौर्य, नागेंद्र मौर्य, रामकृपाल सिंह, दशरथ प्रसाद, अभिमन्यु सिंह, उमेश मौर्य, देवेंद्र दूबे का कहना है कि सोने-चांदी की बढ़ती महंगाई के चलते लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। शहर की एक सराफा दुकान पर खरीदारी कर रहीं महिलाओं ने बताया कि करीब तीन महीने पहले जो पायल 10 से 12 हजार रुपये में मिल जाती थी। उतने ही वजन की पायल के लिए अब 30 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वजन को कम करना पड़ रहा है। दुल्हन की मुंह दिखाई और अन्य शुभ अवसरों पर दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों की खनक भी दूर होती जा रही है।