पडरौना के सुराजी पोखरा पर कथा सुनतीं महिलाएं। संवाद
पडरौना। बेटों की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रविवार को निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत रखा। पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को नए वस्त्र धारण कर मंदिर और अपने घरों में पुरोहित से कथा श्रवण किया। कथा श्रवण करने के बाद अपने से बड़ों का पैर छूकर बच्चे की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद लिया।
प्रत्येक वर्ष अश्वीन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत किया जाता है। महिलाओं ने संतान की दीर्घायु के लिए रविवार को बिना अन्न जल के व्रत रखा। पूरे दिन बिना अन्न जल के व्रत रहने के बाद महिलाओं ने शाम स्नान किया। इस दौरान महिलाओं ने अपने सामर्थ्य के अनुसार, फलफूल, मिष्ठान आदि चढ़ाकर पुत्र की दीर्घायु होने की कामना की।