पडरौना। कुबेरस्थान सीएचसी के सामने अपने आवास में एक आशा कार्यकर्ता क्लीनिक चलाती है। एक सप्ताह पूर्व तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र की एक महिला का गर्भपात कराया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर गए। वहां इलाज के दौरान दो दिन पूर्व महिला की मौत हो गई। सोमवार को घर वालों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। शिकायत मिलने पर सीएमओ ने जांच कर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए का आदेश दिया है, लेकिन जांच के बजाए नोडल अफसर टाल-मटोल कर रहे हैं। हालांकि जिम्मेदार पूर्व में दो बार कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, लेकिन अवैध तरीके से संचालित क्लीनिक पर रोक नहीं लग पा रही है।
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला कुबेरस्थान सीएचसी पर तैनात एक स्टाफ नर्स से गर्भपात कराने के लिए संपर्क की। सीएचसी के सामने संचालित आशा कार्यकर्ता की क्लीनिक पर महिला को पहुंचा दिया। आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व गर्भपात आशा कार्यकर्ता अपने संचालित क्लीनिक में किया। गर्भपात के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और परिजन उसको इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, इलाज के दौरान रविवार की शाम को उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर आए और सोमवार को दाह संस्कार कर दिए। मामले को मैनेज करने के लिए अभी पंचायत चल रही है। इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी सीएमओ को दे दिया। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निजी अस्पताल पंजीकरण के नोडल डॉ. आरडी कुशवाहा और कुबेरस्थान के सीएचसी अधीक्षक डॉ. धीरज को अवैध तरीके से मकान में क्लीनिक संचालित करने वाली आशा कार्यकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। मंगलवार को पूरे दिन सीएचसी अधीक्षक इंतजार करते रहे लेकिन नोडल अफसर डॉ. आरडी कुशवाहा नहीं पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि नोडल अफसर कार्रवाई के नाम पर टाल मटोल कर रहे हैं और घर में संचालित क्लीनिक का सामान हटाने के लिए आशा कार्यकर्ता को मौका दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी आने वाले मरीजों को झांसा देकर आशा कार्यकर्ता क्लीनिक में ले जाकर इलाज करती है। इसमें सीएचसी में तैनात कुछ स्टाफ नर्सों की संलिप्तता बताई जा रही है।
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तीन माह पूर्व सील हुआ था एक कमरा
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आशा कार्यकर्ता पर पूर्व में दो बार कार्रवाई की गई। तीन माह पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आशा कार्यकर्ता के एक कमरे को सील किया था। इसके पूर्व 2025 में गर्भपात से जुड़ी शिकायत पर नोटिस देकर कमरे को सील किया था। इसके बावजूद इस खेल पर विराम नहीं लग रहा है। सीएचसी अधीक्षक की ओर से पूर्व में सीएमओ को भेजी गई रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि उसके मकान के अंदर से गर्भपात कराने व इससे जुड़ी दवाएं बरामद हुई थीं।
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सिर्फ नोटिस तक सिमटी कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी के ठीक सामने आशा कार्यकर्ता अपने मकान में क्लीनिक चलाती है। करीब तीन माह पूर्व आशा कार्यकर्ता को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ नोटिस देकर खानापूरी कर ली जाती है। अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। सूत्रों ने बताया कि आशा कार्यकर्ता के लिए एक जनप्रतिनिधि भी विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। इसके चलते जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से परहेज करते हैं।
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-मुझे लिखित रूप से कोई शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। कुबेरस्थान सीएचसी अधीक्षक का आज कई बार फोन आया था। व्यस्तता के चलते रिसीव नहीं हो सका। घर वालों को भी आगे आना चाहिए। अकेले विभाग क्या-क्या करे। -डॉ. आरडी कुशवाहा, डिप्टी सीएमओ, नोडल अफसर
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-सीएमओ की ओर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अफसर को कई बार फोन किया हूं। उनका फोन रिसीव नहीं हुआ है। इसकी जानकारी सीएमओ को दे दी है। आगे जैसा निर्देश मिलेगा, वैसा करूंगा। -डॉ. धीरज सिंह, अधीक्षक सीएचसी कुबेरस्थान
-मामला संज्ञान में है। जांच कर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नोडल अफसर और कुबेरस्थान सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिए गए है। आशा कार्यकर्ता को हटा दिया गया है। पूर्व में भी उसकी अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई हुई थी। -डॉ. चंद्रप्रकाश,सीएमओ कुशीनगर