पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैश पर प्रदर्शित राजस्व विभाग के प्राथमिकता वाले बिंदुओं सहित कर-करेत्तर व राजस्व वसूली से संबंधित समीक्षा बैठक हुई। इसमें एआरटीओ और बाट माप अधिकारी अनुपस्थित रहे। इस पर डीएम ने बाट-माप अधिकारी का वेतन रोकने और एआरटीओ को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग में गिरावट कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी कार्यों में संवेदनशीलता लाते हुए रैंकिंग में सुधार लाएं।
डीएम विशाल भारद्वाज ने खनन विभाग की समीक्षा करते हुए पूछा कि अब तक कितनी एफआईआर हुईं हैं। कितने की नोटिस दिया गया और कितना जुर्माना लगाया गया है। इस पर खनन अधिकारी ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
डीएम ने नाराजगी जताते हुए एडीएम को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिया। बाट-माप अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं थे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसी तरह डीएम ने स्टार्टअप, गन्ना भुगतान, पीएम आवास योजना शहरी, स्वामित्व योजना, आईजी स्टैंप, पट्टा आवंटन, भूलेख आदि मामलों की समीक्षा की।
कर-करेत्तर की समीक्षा के तहत जीएसटी विभाग की तरफ से बताया कि जनवरी के अंत तक 1.2 करोड़ की वसूली हुई है, जबकि विगत वर्ष में 1.17 करोड़ हुई थी। वसूली कम मिलने पर संबंधित अधिकारी को सोमवार तक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। स्टांप रजिस्ट्रेशन की समीक्षा के दौरान 250 करोड़ के सापेक्ष 196.3 करोड़ बताई गई।